नाबालिग भतीजी की बरामदगी पर पुलिस की भूमिका पर सवाल

लखीमपुर खीरी , 38

गलत एफआईआर और साक्ष्य अनदेखी का आरोप, एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग

लखीमपुर-खीरी। सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला प्यारेपुर से 1 अगस्त 2026 की सुबह 15 वर्षीय नाबालिग भतीजी तीन मोबाइल लेकर अचानक गायब हो गई। पीड़िता सोनी के अनुसार भतीजी 17 जून से उनके घर रह रही थी और उसका चाल-चलन ठीक नहीं था। वह पहले भी मायके के पड़ोस के जय कश्यप के साथ चार बार घर से भाग चुकी थी। 30 जून की रात मोबाइल पर बात करते देखे जाने के बाद अनहोनी की आशंका पर भाई को बुलाने की बात हुई थी, लेकिन अगली सुबह वह झोला लेकर निकल गई। आरसी सिंह अस्पताल के सीसीटीवी में उसके निकलने की फुटेज भी पीड़िता के पास सुरक्षित है।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि 22 जुलाई को कोतवाली गोला में दर्ज एफआईआर संख्या 0290/26 में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर लिखा गया। एफआईआर में दिखाया गया कि भतीजी गोला से जय के साथ जाकर लखीमपुर से मोबाइल ले गई, जबकि वह सीधे प्यारेपुर से भागी थी। सोनी का कहना है कि पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी, साक्ष्य नहीं देखे और उन्हें प्रताड़ित किया। उन्होंने 31 जुलाई को गोला और सदर कोतवाली में ऑनलाइन शिकायतें भी कीं। साथ ही जय पर भतीजी के साथ अश्लील फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर डालने का आरोप लगाते हुए स्क्रीनशॉट होने की बात कही। मामला मीडिया में आने के बाद खीरी पुलिस ने जांच गोला क्षेत्राधिकारी को सौंप दी है। पीड़िता ने एसपी से निष्पक्ष जांच, भतीजी और तीनों मोबाइल की बरामदगी तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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