'जेन-जी के विचारों को समझकर ही समाज में आएगा सकारात्मक परिवर्तन' : डॉ. इरा श्रीवास्तव

लखीमपुर खीरी , 46

लखीमपुर खीरी। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी (जेन-जी) के विचारों को सुनना और समझना समय की आवश्यकता है। यदि हम उनकी सोच और रचनात्मकता को सही दिशा देंगे, तभी समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई बयार लाई जा सकती है और देश के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

डॉ. इरा श्रीवास्तव नगर पालिका सभागार में परिवर्तन फाउंडेशन के सौजन्य से आयोजित 'आओ कुछ लिखना सीखें' कविता लेखन प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर उन्होंने नवोदित कवियों एवं कवयित्रियों को उत्कृष्ट लेखन के लिए प्रशस्ति-पत्र एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के संयोजक एवं वरिष्ठ कवि श्याम किशोर 'बेचैन' ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ऑनलाइन माध्यम से कविता लेखन की बारीकियां और रचनात्मक अभिव्यक्ति के विभिन्न आयाम सिखाए गए। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज को नई दिशा देने का सशक्त माध्यम है और ऐसे प्रशिक्षण युवाओं की प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम का संचालन मानसी भारती एवं कथाकार सुरेश सौरभ ने किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. स्वाति पांडे एवं डॉ. राकेश माथुर ने अपने संबोधन में श्याम किशोर 'बेचैन' के साहित्यिक एवं रचनात्मक कार्यों की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सत्य प्रकाश (शिक्षक) ने कहा कि कविता केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि मानवता, संवेदना और समाज के कल्याण का माध्यम होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से साहित्य के माध्यम से सकारात्मक बदलाव का संदेश देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कहानीकार वेद प्रकाश वर्मा, कवि डॉ. विजय बादल तथा अंग्रेजी प्रवक्ता राजकिशोर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

समारोह में निधि वर्मा, मधु, दीपमाला, आराध्या चंद्रा, नज़र फातिमा, रोशनी शर्मा, प्रियांशी शर्मा 'परी', स्वीटी जान, काव्या सोनी सहित अनेक प्रशिक्षुओं को उत्कृष्ट लेखन के लिए प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में धर्मेन्द्र, दुर्गेश शिखर, अनूप शर्मा, राम बाबू, धीरेंद्र सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, शिक्षाविद् और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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