छूट प्रजाति के नाम पर हरियाली परचल रहा आरा,

लखीमपुर खीरी , 27

   "हरियाली पर लगातार चल रही आरी, न जांच, न सख्त कार्रवाई—पर्यावरण संरक्षण पर मंडरा रहा गंभीर खतरा,वन विभाग पैसा कमाने में मस्त"।

     विश्वकांत त्रिपाठी 

पलिया कलां लखीमपुर खीरी। तहसील क्षेत्र में छूट प्रजाति के पेड़ों के अवैध कटान और परिवहन का खेल बेखौफ जारी,
 सम्पूर्णा नगर,पलिया,मझगयी, निघासन,भीरा सहित क्षेत्र में हरियाली पर अनाधिकृत रूप से आरा चला कर कुकाठ प्रजापति के नामों पर अन्य छूट वाले पेड़ों को काटकर लकड़ी डंप किए जाने तथा पुलिस  व वन विभाग की की मिली भगत से हरियाली के दुश्मन इलाके से हरियाली समाप्त करने पर तुले हैं।
आखिर किस स्थान से कट रहे हैं छूट प्रजाति के पेड़? वन विभाग की चुप्पी और कार्रवाई के अभाव पर उठ रहे सवाल। हरियाली पर लगातार चल रही आरी, लेकिन न जांच, न सख्त कार्रवाई—पर्यावरण संरक्षण पर मंडरा रहा गंभीर खतरा।
 पलिया रेंज के महंगापुर क्षेत्र में छूट प्रजाति की आड़ में हरे पेड़ों की कटाई और लकड़ी की डंपिंग के आरोप। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार ट्रकों व परिवहन के नाम पर पंजीकृत ट्रालियों से लकड़ी का परिवहन हो रहा है, जिससे क्षेत्र की हरियाली तेजी से कम होती जा रही है।
उत्तर प्रदेश वन संरक्षण अधिनियम, 1976 के तहत पेड़ों की कटाई एवं परिवहन के लिए निर्धारित नियमों का पालन आवश्यक है,भारतीय वन अधिनियम, 1927 (Indian Forest Act, 1927) के प्रावधानों के अनुसार वन उपज के अवैध परिवहन और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान है, वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 (Forest Conservation Act, 1980) का उद्देश्य है  कि अधिक से अधिक वन क्षेत्रों का संरक्षण और अनियंत्रित दोहन को रोकना है लेकिन यदि व्यावसायिक परिवहन किया जा रहा है तो वैध प्रपत्र, टैक्स इनवॉइस, परिवहन दस्तावेज तथा अन्य आवश्यक अभिलेख साथ होना अनिवार्य है वन्यजंतु तथा‌ वन प्रेमियों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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