घाघरा का कटान तेज, जालिमनगर स्नान घाट क्षतिग्रस्त, प्राचीन मंदिर को खतरा

लखीमपुर खीरी , 43

एसडीएम और तहसीलदार ने किया स्थलीय निरीक्षण, सावन से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश

*धौरहरा, खीरी।* पहाड़ों पर हुई झमाझम बारिश के बाद तराई क्षेत्र की नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। *शारदा और घाघरा नदी* की तेज धारा के साथ ही कटान भी शुरू हो गया है।
बीते दिनों घाघरा नदी की तेज लहरों की चपेट में *जालिमनगर पुल के समीप स्थित स्नान घाट* आ गया। इस बार घाट काफी क्षतिग्रस्त हो गया है और वहां बने *प्राचीन मंदिर को भी खतरा* मंडरा रहा है।

सावन माह शुरू होने वाला है। इसी घाट से रोजाना हजारों कांवरिया जल भरकर जाते हैं। घाट के क्षतिग्रस्त होने से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बुधवार को नव नियुक्त *SDM धौरहरा राषी कृष्णा* और *तहसीलदार आदित्य विशाल* ने जालिमनगर पुल स्थित घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कटान वाली जगहों का जायजा लिया और अधीनस्थों को तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
SDM ने कहा कि सावन माह में स्नान और कांवरियों द्वारा जल भरने का सिलसिला लगातार चलता है। ऐसे में घाट पर बैरिकेडिंग, रास्तों की मरम्मत और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जल्द से जल्द पूरे किए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में भी निगरानी बढ़ा दी है। राजस्व और सिंचाई विभाग की टीमों को कटान वाले स्थानों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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