'431 का आदेश, 443 पर कब्जा' का आरोप: प्रॉपर्टी डीलर पर गंभीर आरोप, राज्य महिला आयोग ने लिया संज्ञान
लखीमपुर खीरी Jul 22, 2026 at 05:17 PM , 28लखीमपुर खीरी में सरकारी भूमि पर कब्जे और राजस्व अभिलेखों में हेरफेर के आरोप; पीड़ित ने डीएम से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
लखीमपुर खीरी। जिले के फूलबेहड़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत महेवा के बुढ़नापुर गांव में एक प्रॉपर्टी डीलर पर न्यायालय के आदेश की आड़ में सरकारी भूमि पर कब्जा करने और राजस्व अभिलेखों में कथित हेरफेर करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने शिकायत संख्या 20260022646 दर्ज कर ली है।
पीड़ित शारिक हुसैन जैदी ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में प्रॉपर्टी डीलर मनीष जैन, विनय जैन, लेखपाल पंकज तोमर तथा वासिर उर्फ नासिर पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गाटा संख्या 443, जो राजस्व अभिलेखों में बंजर/ग्राम समाज की भूमि के रूप में दर्ज है, उसी पर उनका पुश्तैनी मकान बना हुआ है, जहां उनका परिवार लगभग 50 वर्षों से रह रहा है।
शिकायत के अनुसार, करीब 15 वर्ष पहले आरोपियों ने गाटा संख्या 431 का क्रय किया था। बाद में इसी गाटे से जुड़े विवाद में न्यायालय से आदेश प्राप्त किया गया। पीड़ित का आरोप है कि न्यायालय का आदेश गाटा संख्या 431 के संबंध में था, लेकिन अमीन और राजस्व अधिकारियों की कथित मिलीभगत से कब्जा गाटा संख्या 443 पर करा दिया गया, जिससे उनके पांच कमरों, दो बरामदों और एक बड़े हाल वाले मकान पर कब्जा हो गया।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि राजस्व अभिलेखों से गाटा संख्या 443 का अस्तित्व समाप्त कर खेत की कीमत बढ़ाने और उसे सड़क से जोड़ने के उद्देश्य से सरकारी भूमि का रिकॉर्ड बदलने का प्रयास किया गया।
शारिक हुसैन का कहना है कि 6 जुलाई 2026 को उनकी अनुपस्थिति में मकान पर कब्जा कर लिया गया। इसके बाद से वह अपने परिवार के साथ न्याय के लिए विभिन्न अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने संबंधित बैनामे की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पीड़ित ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए सवाल उठाया है कि यदि न्यायालय का आदेश एक गाटे के संबंध में था, तो दूसरे गाटे पर कब्जा कैसे कराया गया। उनका दावा है कि निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर पर राजस्व अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है।
नोट: यह समाचार पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध शिकायत के आधार पर लिखा गया है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच एवं प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही होगी।






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