वेंटिलेटर पर जिला अस्पताल मरीज और तीमारदार बेहाल
लखीमपुर खीरी Jul 20, 2026 at 05:25 PM , 103पर्चा काउंटर से लेकर लिफ्ट तक सब ध्वस्त
2 काउंटर में से 1 बंद
दवा काउंटर पर स्टाफ नदारद
*लखीमपुर खीरी।* मोतीपुर ओयल स्थित जिला अस्पताल की हालत खुद गंभीर मरीज जैसी हो गई है। प्रशासनिक लापरवाही और बदइंतजामी के चलते दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। आरोप है कि प्राचार्य *वाणी गुप्ता* और सीएमएस की कथित लापरवाही से अस्पताल की बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।
अस्पताल में पर्चा बनवाना भी एक बहुत बड़ा युद्ध जीतने जैसा है आभा कार्ड के चक्कर में लोग और परेशान होते हैं कहीं इंटरनेट की समस्या कहानी सरवर की समस्या जिसके चलते
अस्पताल के पर्चा काउंटर पर सुबह से ही भारी भीड़ जमा हो जाती है। टोकन और पर्चे के लिए लंबी लाइनें लगी हैं, लेकिन 2 काउंटर में से 1 को बंद रखा गया है। कर्मचारियों का कहना है कि सर्वर धीमा है। नतीजा ये है कि सुबह से दोपहर तक का समय सिर्फ पर्चा बनवाने में ही निकल जा रहा है। बुजुर्ग, दिव्यांग, पत्रकार और अस्पताल का स्टाफ तक पर्चे के लिए भटक रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों के पर्चे न बन पाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। मरीजों का सवाल है - "अगर पर्चे में ही आधा दिन लग जाएगा तो डॉक्टर को कब दिखाएंगे?"
अस्पताल परिसर में लगी सभी लिफ्ट खराब पड़ी हैं। तीन मंजिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को बार-बार सीढ़ियां चढ़-उतर कर आना-जाना पड़ रहा है। पैर फ्रैक्चर, दिल के मरीज, ऑपरेशन के बाद वाले और बुजुर्गों को वार्ड तक पहुंचाने में तीमारदारों की सांसें फूल रही हैं।
मरीजों के लिए पीने के साफ पानी की कोई सुचारू व्यवस्था नहीं है। शौचालय गंदगी से भरे हैं और आधे निर्माणाधीन हैं। अस्पताल परिसर में गंदगी और बदबू के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। इलाज की उम्मीद में आने वाले लोग यहां और बीमार महसूस कर रहे हैं।
20 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजे के बाद दवा वितरण काउंटर पर भी लापरवाही सामने आई। दवा बांटने वाले लड़के नदारद थे। सिर्फ एक फार्मासिस्ट अकेले ही मरीजों को दवा समझाकर दे रहे थे। इससे मरीजों को घंटों लाइन में लगना पड़ा और उनका धैर्य जवाब देने लगा।
स्थानीय लोगों और मरीजों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि मोतीपुर ओयल जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था का तुरंत संज्ञान लिया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।






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