मोतीपुर ओयल जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का बोलबाला,भीषण गर्मी में पानी और लिफ्ट के लिए तरस रहे मरीज

लखीमपुर खीरी , 30

लखीमपुर खीरी। जनपद के मोतीपुर ओयल स्थित जिला अस्पताल में इस समय व्यवस्थाएं पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी हैं। एक तरफ जहां आसमान से बरसती आग और चिपचिपी भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है, वहीं दूसरी तरफ जिला अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण मरीज और उनके तीमारदार बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। अस्पताल परिसर में चारों तरफ अव्यवस्थाओं का बोलबाला है, जिससे मरीजों की मुश्किलें दोगुनी हो गई हैं।

पानी के लिए हाहाकार, बंद पड़े हैं आरओ प्लांट

इस भीषण गर्मी में जिला अस्पताल में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। इमरजेंसी वार्ड के पास लगा मुख्य आरओ सिस्टम काफी दिनों से सफेद हाथी साबित हो रहा है। इसके साथ ही कमरा नंबर 29 के पास लगा वाटर फिल्टर भी काफ़ी समय से बंद पड़ा है। विभागीय अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने के लिए अस्पताल परिसर में "कार्य प्रगति पर है" का बोर्ड तो टांग दिया है, लेकिन यह काम कब पूरा होगा, इसकी जानकारी किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी के पास नहीं है। मरीज और उनके परिजन बाहर से महंगे दामों पर पानी खरीदने को मजबूर हैं।

शो-पीस बनी लिफ्ट,जीना,रैंप के सहारे तीन मंजिल चढ़ने को मजबूर मरीज

अस्पताल की आधुनिक सुविधाएं भी यहां दम तोड़ चुकी हैं। जिला अस्पताल में लाखों की लागत से लगी लिफ्ट केवल 'शो-पीस' बनकर रह गई है। यह लिफ्ट आए दिन खराब रहती है, जिसके कारण गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के जरिए रैंप से ले जाना पड़ रहा है। इसके अलावा पैथोलॉजी के पास लगी दूसरी लिफ्ट भी अक्सर बंद रहती है। गंभीर मरीजों और बुजुर्गों को जब रैंप के सहारे तीसरी मंजिल पर बने वार्डों तक ले जाया जाता है, तो तीमारदारों की सांसें फूल जाती हैं।

पर्चा काउंटर की कमी: बिना इलाज डॉक्टर के पास से लौट रहे मरीज

अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या के मुकाबले पर्चा काउंटरों की संख्या बेहद कम है। स्थिति यह है कि दूर-दराज से आने वाले मरीजों का आधा दिन सिर्फ पर्चा बनवाने की लाइन में ही बीत जाता है। भीषण गर्मी में घंटों लाइन में खड़े रहने के कारण कई मरीजों की तबीयत और बिगड़ जाती है। समय समाप्त हो जाने के कारण बहुत से मरीज बिना डॉक्टर को दिखाए ही घर लौटने को विवश हैं। स्थानीय निवासियों और तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन से तत्काल पर्चा काउंटरों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।विभागीय अधिकारियों की इस घोर लापरवाही और "कार्य प्रगति पर है" के बैनर के पीछे छिपने की आदत ने जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर स्थिति का संज्ञान कब लेता है।

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