महिला अस्पताल पर लापरवाही का आरोप, प्राइवेट में शिफ्ट करने के 2 दिन बाद नवजात की मौत, जांच की मांग

लखीमपुर खीरी , 69

रंगीला नगर के परिवार का आरोप - 15 मिनट SNCU में रखकर निजी अस्पताल ले गए, 3000 रुपये लिए, सीएमओ से कार्रवाई की मांग

*लखीमपुर खीरी।* अपनी नायाब कार्यशैली के लिए विख्यात जिला महिला अस्पताल की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं। रंगीला नगर गांव के एक परिवार ने आरोप लगाया है कि डिलीवरी के बाद नवजात को पहले सरकारी SNCU में रखा गया और 15 मिनट बाद ही उसे निजी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। 2 दिन बाद बच्चे की मौत हो गई।
पीड़ित परिवार के मुताबिक गत माह 1 जून 2026 को रात 10:17 बजे मीना देवी शर्मा पत्नी सुनील शर्मा की डिलीवरी जिला महिला अस्पताल में हुई। आरोप है कि डिलीवरी के बाद नवजात को सिर्फ 15 मिनट के लिए महिला अस्पताल के SNCU वार्ड में भर्ती किया गया। इसके तुरंत बाद बच्चे को महिला अस्पताल के हेड डॉ0 अनिल कुमार वर्मा के निजी अस्पताल में भर्ती कर दिया गया। परिवार का आरोप है कि भर्ती के समय ही निजी अस्पताल में रखने के लिए 24 घंटे के 3000 रुपये वसूल लिए गए और तमाम कागजातों पर दस्तखत कराए गए।

3 जून को सुबह करीब 9 बजे फोन पर बच्चे के पिता सुनील शर्मा को सूचना दी गई कि उनका बच्चा मृत हो गया है और शव लेकर तुरंत अस्पताल से बाहर ले जाएं।
परिवार का कहना है कि अगर 1 जून को डिलीवरी के बाद डॉक्टर अनिल कुमार वर्मा बच्चे को अपने निजी अस्पताल ले जाने की बजाय उसे किसी उच्च केंद्र रेफर कर देते, तो शायद बच्चे की जान बच जाती। परिवार ने इसे "सिर्फ रुपए कमाने का तरीका" बताया और स्वास्थ्य विभाग से कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि की सरकारी डॉक्टर अपना निजी अस्पताल चलाकर नवजातों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
आरोप तो यह भी है की अस्पताल के कई डॉक्टर अपना अपना निजी क्लीनिक चला रहे हैं जिसके लिए मरीज का इंतजाम अपने सरकारी कार्य स्थल से करते हैं। एवं जांचों से भी खूब कमाई करते है, मरीज से कहते हैं कि सरकारी अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन में छोटे-छोटे कण नहीं आएंगे यहां की अल्ट्रासाउंड मशीन अच्छी नहीं है प्राइवेट पैथोलॉजी की अल्ट्रासाउंड मशीन बहुत अच्छी है उसमें सब कुछ साफ-साफ पता चल जाएगा एवं छोटे-छोटे कण भी आ जाएंगे इसलिए आप अल्ट्रासाउंड बाहर की प्राइवेट पैथालॉजी में करवाएं एवं मरीज से सभी जांच प्राइवेट पैथालॉजी से करवाते हैं।

Related Articles

Comments

Back to Top