प्रापर्टी डीलर मनीष जैन ने 431 के आदेश से मेरे मकान 443 पर कब्जा कर किया पीड़ित परिवार सहित घर से बेघर

लखीमपुर खीरी , 38

पीड़ित ने बताया मेरे उत्तर प्लांट के बैनामा 443 मेरा मकान 443 मनीष जैन के खेत को मेरे दक्षिण 34 फिट रोड़ 443 फिर भी आदेश 431 पर मेरे मकान 443 पर कब्जा किया जांच हो तो मनीष जैन विनय जैन लेखपाल पंकज तोमर वासिर उर्फ नासिर की रची गई साजिश का होगा पर्दा फास कई चेहरे होंगे बेनकाब 

 लखीमपुर-खीरी।कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम पंचायत महेवा अंतर्गत ग्राम बुढ़नापुर में न्यायालय के आदेश की आड़ में फर्जीवाड़े और कब्जे का आरोप लगा है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। बताते चलें ग्राम बुढ़नापुर के गाटा संख्या 443 पर 54 वर्षीय शारिक हुसैन जैदी के नाम 30 अगस्त 1994 का वैध पट्टा है। इसी भूमि पर पांच कमरे और दो बरामदे का मकान बना है। आरोप है कि प्रापर्टी डीलर मनीष जैन और विनय जैन ने अपनी गाटा संख्या 431 की भूमि की कीमत बढ़ाने और उसे शारदानगर रोड से जोड़ने के लिए साजिश रची। इसके लिए 1971 से शिक्षिका रहीं और 2019 में मृत हुई शारिक की मां नजमा परवीन को फर्जी तरीके से किराएदार दिखाकर वाद संख्या 795/2013 दायर कर दिया गया। जबकि नजमा परवीन के नाम न कोई पट्टा था न मकान। इसी गाटा के दूसरे पट्टाधारक सत्यनारायण ने वही मुकदमा लड़ा और 23 सितंबर 2025 को जीत गए।पीड़ित शारिक का आरोप है कि छह जुलाई 2026 को उसकी गैरमौजूदगी में न्यायालय के गाटा 431 संबंधी आदेश का दुरुपयोग कर गाटा 443 पर बने उसके मकान पर जबरन कब्जा कर लिया गया। तमाम कागज दिखाने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। शारिक ने लेखपाल पंकज तोमर, मनीष जैन, विनय जैन और वासिर उर्फ नासिर के खिलाफ शिकायती पत्र देकर अवैध कब्जा हटवाने की मांग की है। उसका कहना है कि कब्जाधारियों की मंशा मकान तोड़कर साक्ष्य मिटाकर अवैध प्लाटिंग करने की है। 
शारिक ने कहा, मेरे मकान की जांच और न्यायालय के आर्डर देखा जाए उसके बाद मेरे मकान का ताला खोला जाए। मेरे बच्चे दर दर भटक रहे हैं। मेरा मकान 443 है। आसपास के उत्तर दक्षिण के मकानों का बैनामा भी 443 का है। तो 431 के आदेश पर मेरे मकान 443 पर कब्जा क्यों किया गया है।

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