भोजन नहीं, चटाई-पंखे नहीं, हेडमास्टर दवा कारोबार में व्यस्त' - रमियाबेहड़ के स्कूल की शिकायत पर बीईओ ने दिए जांच के आदेश
लखीमपुर खीरी Jul 10, 2026 at 06:20 PM , 23ग्रामीण ने एसडीएम को सौंपा शिकायती पत्र, स्कूल में भ्रष्टाचार और लापरवाही के लगे गंभीर आरोप
*लखीमपुर खीरी।* उत्तर प्रदेश सरकार परिषदीय स्कूलों में बच्चों को कॉपी-किताब, भोजन, ड्रेस, जूते-मोजे जैसी तमाम सुविधाएं देने का दावा कर रही है। लेकिन विकास खण्ड रमियाबेहड़ के उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रतापीबेहड़ की हकीकत इससे बिल्कुल उलट बताई जा रही है।
बीती 4 जुलाई 2026 को रमियाबेहड़ निवासी अच्छेलाल पुत्र राधेश्याम यादव ने एसडीएम धौरहरा शशीकांत मणि को शिकायती पत्र सौंपा। पत्र में आरोप लगाया गया कि स्कूल की शिक्षा व्यवस्था "भगवान भरोसे और कागजों पर" चल रही है।
शिकायती पत्र में कहा गया है
स्कूल परिसर गंदा पड़ा है। एमडीएम के लिए रसोइया आती ही नहीं और न ही भोजन बनता है। हेडमास्टर सप्ताह में 1-2 बार ही आते हैं। बाकी दिन वे दवा कारोबार देखते हैं। चपरासी मोद कुमार देर-सवेर बच्चों को छुट्टी कहकर भेज देता है और स्कूल बंद कर अपने खेतों में चला जाता है।
बच्चों के बैठने को चटाई नहीं, कमरों में पंखे नहीं। विद्यालय में लगे लोहे के दरवाजे, खिड़कियां और बेंच को तोड़-मरोड़कर बेचने का आरोप। इस सवाल पर हेडमास्टर सुभाष कुमार ग्रामीणों से कहते हैं "चोरी हो गए"। शिकायतकर्ता ने एसडीआई रमियाबेहड़ पर प्रति माह 10 हजार रुपये लेने का भी आरोप लगाया है। मामले पर बीईओ फूलचंद ने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने माना कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा। बीईओ ने कहा कि मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि एसडीएम धौरहरा और शिक्षा विभाग के अधिकारी शिकायत की जांच कर ग्रामीण को कैसे संतुष्ट करते हैं और स्कूल की बदहाल व्यवस्था को कब पटरी पर लाते हैं।






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