लेखपाल पर फर्जी वरासत कर जमीन पर ऋण निकलवाने का आरोप
लखीमपुर खीरी Jun 30, 2026 at 07:15 PM , 82(मनोज मिश्र)
धौरहरा खीरी। तहसील धौरहरा में तैनात लेखपाल पर फर्जी वरासत कर जमीन पर ऋण निकलवाने का आरोप का मामला सामने आया है।
तहसील धौरहरा के अंतर्गत आने वाले लेखपाल क्षेत्र गांव दुर्गापुर पड़री में कथित फर्जी वरासत दर्ज करने व भूमि के आधार पर बैंक से ऋण निकलवाने का मामला सामने आया है। उपरोक्त मामले को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियों के विरुद्ध जांच कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार गांव दुर्गापुर पड़री में बेचन पुत्र श्रीपति जाति अनुसूचित जाति (चमार) के नाम लगभग 50 वर्ष पूर्व दर्ज रिकार्ड भूमि गाटा संख्या 25 (ग) तथा 328 रकबा 1.530 भूमि का पट्टा आवंटित किया गया था।बताया जाता है कि बेचन पुत्र श्रीपति लगभग 20 वर्ष पूर्व से मजदूरी के लिए बाहर गए हुए हैं और तभी से अब तक वापस नहीं लौटे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार मामले में नया मोड़ तब आया जब गांव निवासी सोनम पुत्र महंगू निषाद जो ग्रामीणों के मुताबिक सीधे-सादे तथा अनपढ़ (अंगूठा छाप) व्यक्ति हैं के नाम कथित रूप से दिनांक 10-06-2026 को क्षेत्रीय लेखपाल कैलाश यादव एवं क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक सुरेश चंद्र की मिलीभगत से बिना उचित जांच-पड़ताल के दूसरे व्यक्ति के नाम फर्जी वरासत दर्ज कर दी गई।
आरोप है कि इसी वरासत के आधार पर दबंगों द्वारा आर्यावर्त बैंक से केसीसी के माध्यम से लगभग ₹5,40,000 का ऋण स्वीकृत कराया गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ऋण की राशि संबंधित लोगों द्वारा आपस में बांट ली गई, जबकि सोनम को पूरे प्रकरण की जानकारी तक नहीं थी।
बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी होने के बाद सोनम ने जिला अधिकारी लखीमपुर को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि राजस्व विभाग से जुड़े इस गंभीर आरोपों के प्रकरण में प्रशासन किस प्रकार की जांच करता है तथा जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है यह तो समय की बात होगी।
एसडीएम धौरहरा शशीकांत मणि ने कहा कि दुर्गापुर पंडरी गांव में फर्जी वरासत प्रकरण में जांच शुरू हो गई आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही होगी।






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