अज़ान पुलिस चौकी से डेढ़ किमी दूर पशु चोरों का तांडव, एक रात में 5 भैंस पार: 6 दिन बाद भी एफआईआर नहीं, पकड़ा गया किशोर भी बेअसर,

लखीमपुर खीरी , 31

ग्रामीणों में आक्रोश, 4 लाख के पशुधन की चोरी से टूटी किसानों की कमर, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

गोला गोकर्णनाथ खीरी। थाना हैदराबाद क्षेत्र की अज़ान पुलिस चौकी से महज डेढ़ किलोमीटर दूर पशु चोरों ने पुलिस की रात्रि गश्त की पोल खोल दी है। दुस्साहस दिखाते हुए चोरों ने एक ही रात में दो गांवों से 5 दुधारू भैंस चोरी कर लीं। घटना को 6 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस न तो किसी आरोपी तक पहुंच पाई है और न ही पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस की इस कार्यशैली से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की रात चोरों ने पहले ग्राम बगहा में धावा बोला। पीड़ित किसान अजय कुमार वर्मा ने बताया कि रात करीब 11 बजे उनका परिवार छत पर सोने चला गया था। रात 12 बजे पत्नी रजनी देवी को पशुबाड़े से आहट सुनाई दी। नीचे जाकर देखा तो वहां बंधी तीनों दुधारू भैंस गायब थीं। शोर मचाने पर परिजनों व ग्रामीणों ने नहर पटरी समेत आसपास काफी तलाश की, लेकिन भैंसों का सुराग नहीं लगा। अजय के अनुसार चोरी गई भैंसों की कीमत लगभग 2.5 लाख रुपये है।

चोर यहीं नहीं रुके। बगहा में वारदात के करीब 2 घंटे बाद, रात लगभग 2 बजे चोरों ने चमरपुरवा गांव में धावा बोल दिया। ग्रामीण प्रेमचंद पुत्र शंकर लाल ने बताया कि 'चोर-चोर' का शोर सुनकर उनकी नींद खुली। पशुबाड़े में पहुंचे तो वहां बंधी दोनों दुधारू भैंस गायब मिलीं। इन भैंसों की कीमत करीब 1.5 लाख रुपये आंकी गई है। इस तरह एक ही रात में दोनों किसान परिवारों का लगभग 4 लाख रुपये का पशुधन चोरी हो गया।

चमरपुरवा के ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए एक किशोर को मौके से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि 6 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस उस किशोर से कोई ठोस सुराग नहीं निकाल पाई है। 

पीड़ित अजय वर्मा और प्रेमचंद का कहना है कि उन्होंने घटना के बाद सुबह हैदराबाद थाने में तहरीर दे दी थी। इसके बावजूद अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस सिर्फ तहरीर के आधार पर खानापूर्ति कर रही है। संदिग्धों को थाने लाकर पूछताछ के नाम पर छोड़ दिया जाता है।

घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब अज़ान पुलिस चौकी के नाक के नीचे, डेढ़ किमी के दायरे में ही किसान सुरक्षित नहीं हैं, तो दूरदराज के गांवों में सुरक्षा की क्या गारंटी है। ग्रामीणों ने रात में पुलिस गश्त न होने का भी आरोप लगाया। पीड़ितों ने अखबार में माध्यम से उच्चाधिकारियों से मामले में कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है।

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