पोषाहार घोटाला कागजों में बंट गया बच्चों का राशन जनसुनवाई पोर्टल पर अफसरों ने लगाई फर्जी आख्या सीएम से शिकायत

लखीमपुर खीरी , 21

पसगवां खीरी।उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को ठेंगा दिखाते हुए विकास खंड पसगवां की ग्राम पंचायत सेमराजानीपुर में आंगनबाड़ी पोषाहार वितरण में बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी और शिकायतकर्ता राम लखन सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत 92615300056844 भेजकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।शिकायतकर्ता राम लखन सिंह पुत्र कृष्ण कुमार सिंह का आरोप है कि सेमराजानीपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए आने वाला सरकारी पोषाहार केवल कागजों तक ही सीमित है। धरातल पर पात्र लाभार्थियों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। आंगनबाड़ी कर्मी द्वारा केवल एक-दो चुनिंदा चहेती महिलाओं को राशन देकर कागजों में शत-प्रतिशत वितरण दिखा दिया जाता है, जबकि गांव की दर्जनों गरीब और जरूरतमंद महिलाएं इस योजना से पूरी तरह वंचित हैं।शिकायतकर्ता का सबसे गंभीर आरोप विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर है। राम लखन सिंह ने बताया कि उन्होंने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ पूर्व में मुख्यमंत्री जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन, जांच के नाम पर बड़ा खेल कर दिया गया। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर जाकर कोई निष्पक्ष जांच नहीं की।आरोप है कि जांच अधिकारियों ने न तो शिकायतकर्ता से संपर्क किया और न ही उनका पक्ष जाना।अधिकारियों ने भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए घर बैठे ही मनमानी और फर्जी निस्तारण आख्या पोर्टल पर अपलोड कर दी। पीड़ित का कहना है कि यह मुख्यमंत्री के पारदर्शी शासन के निर्देशों का घोर उल्लंघन है।ग्रामीणों में इस फर्जीवाड़े को लेकर भारी आक्रोश है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि गरीब महिलाओं और बच्चों के हक पर डाका डालने वाले इस रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए किसी निष्पक्ष और उच्च स्तरीय टीम से संयुक्त जांच कराई जाए। साथ ही, फर्जी रिपोर्ट लगाने वाले लापरवाह अधिकारियों और दोषी आंगनबाड़ी कर्मी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि पात्रों को उनका हक मिल सके।

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