22 करोड़ के वाटर प्रोजेक्ट पर कब्जा, चेयरमैन के मौखिक आदेश पर बाहरी को मिला सरकारी क्वार्टर
लखीमपुर खीरी Jun 21, 2026 at 06:48 PM , 4जल निगम का प्रोजेक्ट अभी हैंडओवर नहीं, फिर भी तहसील परिसर के टैंक पर बिठा दिया चौकीदार, EO बोले- कोई विज्ञप्ति जारी नहीं हुई
(मनोज मिश्र)
*धौरहरा,खीरी।* शहरी क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल निगम द्वारा बनाए गए 22 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष के मौखिक आदेश पर पड़ोसी ग्राम पंचायत महराजनगर के एक व्यक्ति को तहसील परिसर में बने ओवरहेड टैंक की चौकीदारी सौंप दी गई और सरकारी क्वार्टर में परिवार समेत बसवा दिया गया। जबकि यह पूरा प्रोजेक्ट अभी जल निगम के अधीन है और हैंडओवर नहीं हुआ है।
*22 करोड़ से बना था प्रोजेक्ट, अभी चालू नहीं:* जानकारी के मुताबिक नगरीय क्षेत्र में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए जल निगम ने करीब 22 करोड़ रुपये खर्च कर तीन ओवरहेड टैंक और छह ट्यूबवेल का निर्माण कराया है। इनमें से एक ओवरहेड टैंक तहसील परिसर में स्थित है। सूत्रों के मुताबिक यह सभी निर्माण अभी जल निगम के अधीन हैं और कार्य प्रगति पर है। नगर पंचायत को अभी तक हैंडओवर नहीं किया गया है।
*चेयरमैन के मौखिक आदेश पर बिठाया चौकीदार:* विवाद तब शुरू हुआ जब करीब एक सप्ताह पहले महराजनगर निवासी बबलू नामक व्यक्ति तहसील परिसर स्थित टैंक पर बने सरकारी क्वार्टर में परिवार सहित रहने लगा। आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष नफीस खान के मौखिक आदेश पर उसे यहां चौकीदारी पर बैठाया गया है।
*बबलू का कबूलनामा: 'चेयरमैन के कहने पर रह रहा हूं':* जब बबलू से बिजली-पानी फ्री मिलने और क्वार्टर में रहने के बारे में पूछा गया तो उसने साफ कहा, "हम चेयरमैन नफीस के कहने से यहां रह रहे हैं।"
*EO ने झाड़ा पल्ला: कोई विज्ञप्ति जारी नहीं की:* इस पूरे प्रकरण पर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी गौरव सिंह ने कहा कि "हमारे कार्यालय से चौकीदारी से संबंधित न कोई विज्ञप्ति जारी हुई है और न ही किसी को रखने के लिए कहा गया है।" EO के बयान से साफ है कि यह नियुक्ति नियम-विरुद्ध तरीके से की गई है।
*उठ रहे ये बड़े सवाल:*
1. *अधिकार किसका:* जब प्रोजेक्ट जल निगम के अधीन है और नगर पंचायत को हैंडओवर नहीं हुआ, तो चेयरमैन को चौकीदार रखने का अधिकार किसने दिया?
2. *मौखिक आदेश पर नियुक्ति:* बिना किसी टेंडर, विज्ञप्ति या लिखित आदेश के सरकारी संपत्ति पर किसी बाहरी को कैसे बिठाया जा सकता है?
3. *बिजली-पानी फ्री:* सरकारी क्वार्टर में रहने वाले व्यक्ति को बिजली-पानी की सुविधा किस मद से दी जा रही है?
4. *बाहरी का चयन क्यों:* धौरहरा नगर के बेरोजगारों को छोड़कर पड़ोसी ग्राम पंचायत के व्यक्ति को ही चौकीदारी क्यों दी गई?
स्थानीय लोगों का कहना है कि 22 करोड़ की सरकारी संपत्ति पर इस तरह कब्जा कराना गंभीर मामला है। लोगों ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।































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