1 करोड़ के सोने के जेवर बारिश में खराब, बचे हुए बंदर उठा ले गए - पुलिस का कोर्ट में तर्क
लखीमपुर खीरी Jun 17, 2026 at 07:50 PM , 3417 साल पुराने दहेज हत्या केस में बरी आरोपी को जेवर नहीं लौटा पाई पुलिस, कोर्ट ने माना- पुलिस ने हड़पे
लखीमपुर-खीरी। जिला एवं सत्र न्यायालय में पुलिस का अजीबोगरीब तर्क सुनकर जज भी हैरान रह गए। सदर कोतवाली पुलिस ने कोर्ट में कहा कि जब्त किए गए 1 करोड़ रुपये के सोने के जेवर बारिश में खराब हो गए और बाकी बचे जेवरों को बंदर उठा ले गए।साल 2007 में शहर के मोहल्ला कपूरथला निवासी मुदित अग्रवाल की पत्नी रानी अग्रवाल उर्फ जूली ने दीपावली की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पोस्टमार्टम के दौरान उनके शरीर से नाक की सोने की कील, गले की चेन व लॉकेट, सोने की अंगूठी और 10 सोने की चूड़ियां उतारकर पुलिस के सुपुर्द की गई थीं। बाद में इन्हें सदर कोतवाली के मालखाने में जमा करा दिया गया था।
मायके पक्ष की तहरीर पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ और मुदित अग्रवाल समेत अन्य आरोपियों को जेल भेजा गया। 28 फरवरी 2024 को साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने पुलिस को जब्त जेवरों को ससुराल पक्ष यानी मुदित अग्रवाल को सौंपने के निर्देश दिए थे।जब मुदित अग्रवाल ने जेवर रिलीज करने का प्रार्थना पत्र दिया तो पुलिस की रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया। पुलिस ने अदालत को बताया कि 7 सितंबर 2013 तक की मालखाने की पोटलियों को सुखाने के लिए छत पर रखा गया था। बारिश के कारण वे नष्ट हो गईं। कुछ पोटलियों को बंदर लेकर चले गए।
तत्कालीन सत्र न्यायाधीश लक्ष्मीकांत शुक्ल ने पुलिस के इस स्पष्टीकरण को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि सोने के जेवर बारिश में नष्ट नहीं हो सकते। साथ ही मालखाने जैसी संवेदनशील जगह के कीमती सामान को खुले में बिना निगरानी के रखने का दावा स्वीकार्य नहीं है।
कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा, _“प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने सीलबंद पोटली में रखे बहुमूल्य जेवरों का अपने हित में उपयोग किया। बाद में अभिलेखों में फर्जी प्रविष्टियां कर दीं।”_
कोर्ट ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच, कार्रवाई और पीड़ित को क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए थे। लेकिन आदेश के 1 साल बाद भी पीड़ित मुदित अग्रवाल को कोई राहत नहीं मिली है। अब वह हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।































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