पलिया में अवैध प्लाटिंग का खेल! बिना धारा 80 और पैमाइश के बेचे जा रहे प्लॉट, जिम्मेदार मौन

लखीमपुर खीरी , 22

(विश्वकांत त्रिपाठी/केके शुक्ला) 

पलिया कलां लखीमपुर खीरी।नगर क्षेत्र सीमा के अंदर नगरीय इलाके पटीहन रोड, दुधवा रोड, निघासन रोड, पलिया खुर्द रोड, सहित डिग्री कॉलेज के पास, फायर ब्रिगेड बाउंड्री से सटी सड़क किनारे की जमीन पर अवैध प्लाटिंग का बड़ा खेल सामने आया है।
        हैरान करने वाली बात यह है कि जिस जमीन की अभी तक न तो कोई आधिकारिक खरीदारी (रजिस्ट्री) हुई है और न ही तहसील प्रशासन से धारा 80 (कृषि से गैर-कृषि भूमि परिवर्तन) की कोई अनुमति ली गई है, वहां धड़ल्ले से प्लॉट काटे जा रहे हैं।
भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि मौके पर बाकायदा प्लाटिंग कर ऑफिस बनाकर बोर्ड भी टांग दिये जाते है। वहीं नये आने वालों खरीदारों को साइज के हिसाब से रेट बताए जा रहे हैं।
अचानक बदला मंजर: स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह जमीन पिछले कई वर्षों से सड़क किनारे तालाब की तरह लावारिस पड़ी थी, जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। लेकिन अचानक आए इस बदलाव और अवैध निर्माण ने प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिना पैमाइश और सरकारी कागजों में हेरफेर किए बिना चल रहे इस अवैध कारोबार पर अब तहसील प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।

पलिया कलां लखीमपुर खीरी।नगर क्षेत्र सीमा के अंदर नगरीय इलाके पटीहन रोड, दुधवा रोड, निघासन रोड, पलिया खुर्द रोड, सहित डिग्री कॉलेज के पास, फायर ब्रिगेड बाउंड्री से सटी सड़क किनारे की जमीन पर अवैध प्लाटिंग का बड़ा खेल सामने आया है।
        हैरान करने वाली बात यह है कि जिस जमीन की अभी तक न तो कोई आधिकारिक खरीदारी (रजिस्ट्री) हुई है और न ही तहसील प्रशासन से धारा 80 (कृषि से गैर-कृषि भूमि परिवर्तन) की कोई अनुमति ली गई है, वहां धड़ल्ले से प्लॉट काटे जा रहे हैं।
भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि मौके पर बाकायदा प्लाटिंग कर ऑफिस बनाकर बोर्ड भी टांग दिये जाते है। वहीं नये आने वालों खरीदारों को साइज के हिसाब से रेट बताए जा रहे हैं।
अचानक बदला मंजर: स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह जमीन पिछले कई वर्षों से सड़क किनारे तालाब की तरह लावारिस पड़ी थी, जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। लेकिन अचानक आए इस बदलाव और अवैध निर्माण ने प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिना पैमाइश और सरकारी कागजों में हेरफेर किए बिना चल रहे इस अवैध कारोबार पर अब तहसील प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।

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