गन्ने को टाप बोरर से बचाएगा फेरोमैन ट्रेप, चीनी मिल दे रही अनुदान

लखीमपुर खीरी , 24

पलिया कलां-खीरी। 
पलिया क्षेत्र में गन्ने की फसल को बर्बाद करने वाले टाप बोरर कीट से बचाव के लिए बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड पलिया यूनिट ने बड़ा कदम उठाया है। चीनी मिल की ओर से किसानों के खेतों में इको-फ्रेंडली फेरोमैन ट्रेप लगवाए जा रहे हैं।

महाप्रबंधक गन्ना राजीव तोमर ने बताया कि टाप बोरर गन्ने की फसल को अंदर ही अंदर खोखला कर देता है, जिससे उत्पादन और रिकवरी दोनों पर असर पड़ता है। इसी नुकसान को रोकने के लिए मिल प्रबंधन ने फेरोमैन ट्रेप लगाने का अभियान शुरू किया है। यह पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है और इससे मिट्टी, हवा या पानी को कोई नुकसान नहीं पहुंचता।

राजीव तोमर ने कहा कि फेरोमैन ट्रेप टाप बोरर प्रबंधन का सबसे सुरक्षित और असरदार तरीका है। इसे लगाना बेहद आसान है। एक एकड़ खेत में चार से पांच ट्रेप काफी होते हैं। ट्रेप में डाली जाने वाली दवा तीस से पैंतालीस दिन तक लगातार काम करती है। लंबे समय तक कीटों पर नियंत्रण रखने की वजह से किसानों को बार-बार दवा का छिड़काव नहीं करना पड़ता, जिससे लागत भी बचती है।

खास बात यह है कि चीनी मिल पलिया की ओर से इस ट्रेप पर किसानों को अनुदान भी दिया जा रहा है, ताकि हर छोटा-बड़ा किसान इसका फायदा उठा सके। 

महाप्रबंधक गन्ना ने अपील की कि पलिया क्षेत्र के जो भी किसान भाई अपनी गन्ने की फसल को टाप बोरर के प्रकोप से बचाना चाहते हैं, वे तुरंत अपने क्षेत्र के चीनी मिल गन्ना पर्यवेक्षक या मिल के कामदारों से संपर्क करें। मौके पर टीम पहुंचकर खेत में ट्रेप लगवा देगी।

चीनी मिल का दावा है कि समय रहते फेरोमैन ट्रेप लगने से गन्ने की गुणवत्ता और वजन दोनों बेहतर होंगे, जिसका सीधा फायदा किसानों की आमदनी पर पड़ेगा।

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