चतुर्थ श्रेणी मृतक आश्रित कर्मचारियों को लिपिक पद पर पदोन्नत करने की उठी मांग, सीएम को भेजा पत्र

लखीमपुर खीरी , 40

लखीमपुर-खीरी।उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक मृतक आश्रित शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ (जनपद इकाई-लखीमपुर-खीरी) ने बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित विद्यालयों में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी मृतक आश्रित कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की है। संघ ने पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और पूर्व लोकसभा सांसद अजय मिश्र टेनी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को एक मांगपत्र (ज्ञापन) प्रेषित किया है।संघ के जिलाध्यक्ष दीपेश शुक्ला द्वारा जारी इस मांगपत्र में मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत नियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की गंभीर समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया है।मुख्य मांगें और मुद्दे:लिपिक पदों का सृजन, बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन सभी विद्यालयों में लिपिक (क्लर्क) के नए पदों का सृजन किया जाए।योग्यता के बावजूद मजबूरी:विभाग द्वारा अक्सर यह कहा जाता है कि परिषद में लिपिक के पद खाली नहीं हैं। इस वजह से लिपिकीय योग्यता (क्वालिफिकेशन) होने के बावजूद आश्रितों को मजबूरी में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति लेनी पड़ती है।पदोन्नति का प्रावधान: माध्यमिक शिक्षा विभाग की तर्ज पर बेसिक शिक्षा में भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 05 वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद लिपिक पद पर प्रमोट (पदोन्नत) करने की व्यवस्था लागू की जाए।कार्यप्रणाली और शिक्षा स्तर में होगा सुधारज्ञापन में तर्क दिया गया है कि यदि विद्यालयों में लिपिक पदों का सृजन होता है, तो स्कूल के सभी बाबू/दफ्तरी काम लिपिकों द्वारा संभाले जाएंगे। इससे शिक्षक पूरी तरह से गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त हो सकेंगे और छात्रों को बेहतर शिक्षा दे पाएंगे। इस कदम से न सिर्फ शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार आएगा, बल्कि सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या में भी वृद्धि होगी।इस मांगपत्र को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए संघ के पदाधिकारियों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री से विशेष हस्तक्षेप करने और इन जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करवाने का कष्ट करने का अनुरोध किया है।

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