सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन, हादसों के बाद भी परिवहन विभाग मौन
लखीमपुर खीरी Jun 01, 2026 at 06:06 PM , 50लखीमपुर खीरी।जिले में ओवरलोड और अवैध वाहनों का बेखौफ संचालन आम जनता के लिए काल साबित हो रहा है। ईंटों से लदी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, बालू से ओवरलोड गाड़ियां और अवैध रूप से चलने वाली टैक्सियां सड़कों पर खुलेआम दौड़ रही हैं। इन वाहनों के कारण हर समय बड़े हादसों का खतरा बना रहता है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि हाईवे के किनारे ही परिवहन विभाग का कार्यालय स्थित है, लेकिन इसके बावजूद इन नियमों को ठेंगा दिखाने वाले वाहनों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है।कथित 'टोकन सिस्टम' की चर्चाएं गर्मसूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में ओवरलोड वाहनों के संचालन के पीछे लंबे समय से एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। स्थानीय स्तर पर ऐसी चर्चाएं हैं कि कथित तौर पर "टोकन सिस्टम" के जरिए कुछ विशेष वाहनों को प्रशासनिक संरक्षण दिया जाता है। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक या स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन परिवहन विभाग की सुस्ती इन आशंकाओं को बल जरूर देती है।10 मौतों के बाद भी नहीं टूटी नींदगौरतलब है कि अभी हाल ही में जिले में एक भीषण सड़क हादसा हुआ था, जिसमें एक शिक्षिका समेत 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद भी सड़कों पर ओवरलोडिंग का खेल बदस्तूर जारी है। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि प्रशासन और परिवहन विभाग सिर्फ किसी बड़े हादसे के बाद ही जागता है। कुछ दिनों की दिखावे की कार्रवाई के बाद स्थिति फिर जस की तस हो जाती है। स्थाई समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।परिवहन विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाललगातार हो रही मौतों और हादसों के बाद भी चेकिंग अभियान न चलने से जनता अब सीधे सवाल पूछ रही है। लोगों का कहना है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? ओवरलोडिंग और अवैध वाहनों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहे परिवहन विभाग की कार्यशैली पर अब गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।































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