आखिरकार 3 मौतों का जिम्मेदार पिंजरे में कैद हुआ आदमखोर तेंदुआ, एक महीने से दहशत में जी रहे ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

लखीमपुर खीरी , 50

लखीमपुर खीरी जिले के उत्तर निघासन वन रेंज क्षेत्र में पिछले एक महीने से आतंक का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के लगाए पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद इलाके के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

बताया जा रहा है कि मुर्तिहा ग्राम पंचायत के कटेला फार्म स्थित गुरमीत सिंह के खेत में वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। पिंजरे में एक बकरी को बांधा गया था। शिकार के लालच में तेंदुआ पिंजरे के भीतर घुस गया और उसमें कैद हो गया। सूचना मिलते ही वन विभाग और एसटीपीएफ की टीम मौके पर पहुंच गई।

यह वही तेंदुआ बताया जा रहा है जिसने बीते एक महीने में क्षेत्र में तीन लोगों की जान ले ली थी। सबसे पहले 25 मार्च को सिंगाही थाना क्षेत्र के फुटहा फार्म में किसान जोगा सिंह की सात वर्षीय बेटी सिमरन को घर से उठाकर खेत में ले गया था, जहां गंभीर चोटों के चलते बच्ची की मौत हो गई थी। इसके बाद 18 अप्रैल को निबौरिया गांव के पास नया पुरवा में चार वर्षीय दिलशाद को तेंदुआ खेत से उठा ले गया था, जिसका अधखाया शव देर रात बरामद हुआ था। वहीं तीसरी घटना में बरामदे में सो रही संध्या देवी पर हमला कर उसे खेत में घसीट ले गया, जहां उनका शव मिला था।

लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। लोग शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते थे और खेतों में जाने से भी डर रहे थे। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम का आभार जताया।

वन रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया गया है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मेडिकल परीक्षण के बाद उसे जंगल में छोड़ा जाएगा। अभियान में वन विभाग और एसटीपीएफ की टीम लगातार निगरानी में जुटी रही।

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