*सुजईकुंडा पुल का जिन्न फिर बाहर, सांसद आनंद भदौरिया बोले- यह पीढ़ियों के संघर्ष का प्रतीक*
लखीमपुर खीरी May 20, 2026 at 06:40 PM , 80*वर्षों से लंबित पुल को मिली मंजूरी, 25% आबादी को मिलेगा लाभ; बाढ़ में टूटता था संपर्क*
*लखीमपुर खीरी।* तहसील धौरहरा के सुजईकुंडा पुल का प्रकरण एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में है। इस सेतु को लेकर धौरहरा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया है।
*"कंक्रीट-लौह की संरचना मात्र नहीं":* सामाजिक पटल पर प्रसारित वीडियो में सांसद सेतु के महत्त्व पर प्रकाश डालते दिखे। आनंद भदौरिया ने कहा, "यह सेतु केवल कंक्रीट एवं लौह की संरचना मात्र नहीं है। यह हमारी अनेक पीढ़ियों के धैर्य, आशा एवं कठोर परिश्रम का जीवंत प्रतीक है।"
*25% आबादी को होगा लाभ:* उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित इस परियोजना से क्षेत्र की लगभग 25 प्रतिशत जनसंख्या को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। बाढ़ एवं वर्षा ऋतु में सुजईकुंडा, पंडितपुरवा समेत दर्जनों गांव संपर्क विहीन हो जाते थे। अब छात्रों को नदी पार कर जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी। महिलाओं, वृद्धजनों सहित सभी को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
*विधायक के प्रयास से मिली मंजूरी:* सुजईकुंडा सेतु के निर्माण को शासन द्वारा अंतिम स्वीकृति दे दी गई है। भाजपा विधायक विनोद शंकर अवस्थी के निरंतर प्रयासों से यह संभव हुआ है। हाल ही में विधिवत शास्त्रोक्त रीति से नींव पूजन कर सेतु निर्माण का शुभारंभ भी किया जा चुका है।
*आंदोलन में 34 पर हुआ था केस:* उल्लेखनीय है कि सेतु की मांग को लेकर 19 नवंबर 2022 को शिक्षा संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में छात्र समुदाय एवं ग्रामीणों ने वृहद आंदोलन किया था। तब 34 व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोग भी पंजीकृत किया गया था।
सेतु निर्माण से कस्बे एवं जिला मुख्यालय तक सुगम पहुँच स्थापित होने से शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। सांसद आनंद भदौरिया क्षेत्र की रेल संपर्कता, विद्युत कटौती, उर्वरक की किल्लत जैसे मुद्दों पर भी निरंतर मुखर रहे हैं।






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