सीएम योगी,बांग्लादेशी विस्थापितों के गांव का करेंगे दौरा तैयारियों में जुटे अफसर बांग्लादेश विस्थापित 331 हिंदू परिवार जिले में बसाए गए

लखीमपुर खीरी , 72

(सुनहरा)


लखीमपुर-खीरी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 अप्रैल को लखीमपुर खीरी जिले का दौरा कर सकते हैं। उनके संभावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मोहम्मदी तहसील की मियांपुर गांव में आएंगे। यह गांव बांग्लादेशी विस्थापित हिंदू परिवारों का है। मुख्यमंत्री के जिले में दौरे को लेकर पिछले एक हफ्ते से प्रशासन तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पहले आठ या नौ अप्रैल को पलिया तहसील के भारत नेपाल सीमा से सटे चंदन चौकी गांव में प्रस्तावित था। हालांकि अब कार्यक्रम बदल गया है। उनके 11 अप्रैल को मोहम्मदी के मियांपुर कॉलोनी गांव में आने की संभावना है। इसके चलते प्रशासनिक अमले ने मंगलवार को मियांपुर कॉलोनी गांव पहुंचकर सभा स्थल का जायजा लिया। इसमें लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस, डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, सीडीओ अभिषेक कुमार और एसपी डॉक्टर ख्याति गर्ग के साथ ही अन्य अधिकारियों ने सभा स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाएं देखीं। यहां पर मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए हिंदू परिवारों को जिले की तीन तहसीलों के चार गांवों में व्यवस्थित रूप से बसाया गया है। इसमें धौरहरा तहसील के सुजानपुर गांव में 97 परिवार, मोहम्मदी तहसील के मोहनपुर ग्रंट में 41 परिवार और मियांपुर गांव में सर्वाधिक 156 परिवार निवास कर रहे हैं। गोला तहसील के ग्रंट नंबर तीन में 37 परिवारों को बसाया गया है। वर्षों पहले हुए इस पुनर्वास के बाद अब उन्हें जमीन का स्वामित्व मिलने से उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।गोला तहसील के ग्रंट नंबर तीन में बसे विस्थापितों में प्रति परिवार तीन एकड़ कृषि भूमि दी गई है। धौरहरा तहसील के सुजानपुर गांव में 60 परिवारों को औसतन 1.620 हेक्टेयर और 37 परिवारों को करीब 0.607 हेक्टेयर भूमि मिली है। 

मोहम्मदी तहसील के मोहनपुर ग्रंट में 15 परिवारों को तीन एकड़, नौ परिवारों को सात एकड़ और 17 परिवारों को पांच एकड़ भूमि का पट्टा दिया गया है। वहीं मियांपुर गांव में बसे 156 परिवारों को प्रति परिवार लगभग 4.75 एकड़ जमीन दी गई है, जिससे वे खेती कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। इन परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी पहुंचाया जा रहा है।

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