समाजसेवी पत्रकार ने गन्ना भुगतान हेतु मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
लखीमपुर खीरी May 31, 2020 at 11:11 PM , 127लखीमपुर खीरी। तहसील निघासन बम्हनपुर निवासी पत्रकार समाजसेवी रमाकान्त दीक्षित ने मुख्यमंत्री व चीनी उद्योग व गन्ना विकास विभाग के प्रमुख सचिव कोएक पत्र लिख कर अवगत कराया है कि तहसील पलिया अंतर्गत की बजाज हिंदुस्तान लिमिटेड चीनी मिल-पलिया कलां जो कि गन्ना पेराई सत्र 2019 -2020 के लिए दिनांक 13 नवंबर 2019 को शुरू हुई एवं पूरी सीजन गन्ना पेराई करते हुए 26 -27 अप्रैल 2020 को बंद होकर विगत दिनांक 15 मई 2020 तक उक्त लगभग 6 माह के गन्ना पेराई के दौरान उक्त पेराई सत्र का चीनी मिल पलिया प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार मात्र 13 नवंबर 2019 से 18 नवंबर 2019 अर्थात मात्र 6 दिन का गन्ना भुगतान किया गया। वह भी किसानों के द्वारा पिछले वर्ष क्रय की गई खाद में कटौती हो गया इस प्रकार किसानों को उक्त सत्र का एक भी पैसा हाथ नहीं लगा है।महोदय को अवगत कराना है कि इस दौरान किसानों को गन्ना ढुलाई, छिलाई व खेत जुताने के साथ-साथ खाद-बीज-पानी की आजकल बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है या यूं कहें कि इसी दौरान किसानों के पास सर्वाधिक खर्चे होते हैं किंतु उक्त बातों को नजरअंदाज करते हुए बजाज शुगर मिल-पलिया कलां द्वारा मात्र 6 दिन का गन्ना भुगतान भेजा गया एवं पैसों की कमी से जूझ रहे किसान के आगे 22 मार्च 2020 से कोरोना वायरस लॉकडाउन की दोहरी मार पड़ी है जिससे किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो गया है। जिसके फलस्वरूप शासन प्रशासन की छवि आम जनमानस में बजाज शुगर फैक्ट्री पलिया की वजह से धूमिल हो रही है। वैसे भी गन्ना एक्ट के अनुसार किसान से खरीदे गए गन्ने का भुगतान 14 दिनों में होना चाहिए किंतु किसानों द्वारा कई बार धरना प्रदर्शन आदि के द्वारा विक्रय किए गए गन्ने का भुगतान की मांग की गई किंतु बजाज चीनी मिल प्रबंधन पलिया ने किसी भी प्रकार की कोई भुगतान किसानों को नहीं दिया और ऐसा प्रतीत होता है की बजाज प्रशासन जानबूझकर शासन-प्रशासन की छवि धूमिल करने की फिराक में है। उन्होंने व्यापक जनहित में एवं कोरोना वायरस-लॉक डाउन को दृष्टिगत रखते हुए किसानों की जरूरतों को पूरा किए जाने हेतु एवं शासन प्रशासन की अच्छी छवि आम जनमानस में बनाए रखने हेतु किसानों का गन्ना भुगतान जल्द से जल्द करवाए जाने की मांग की है।






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