खस्ता हाल सड़के दे रही गड्ढा मुक्त अभियान को चुनौती सिंगाही से नौरंगाबाद मार्ग की दुर्दशा
लखीमपुर खीरी Mar 24, 2026 at 06:35 PM , 89सिंगाही/लखीमपुर। जहां एक ओर सूबे की सरकार सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए अभियान चला रही है, वहीं लखीमपुर खीरी में जमीनी हकीकत इस दावे को चुनौती देती नजर आ रही है। निघासन तहसील के सिंगाही से नौरंगाबाद गांव को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह जर्जर होकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी है और आए दिन हादसों को दावत दे रही है।
जानकारी के मुताबिक, किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गन्ना विकास विभाग द्वारा इस सड़क का निर्माण कराया गया था। इसका उद्देश्य था कि क्षेत्र के किसान आसानी से बेलराया चीनी मिल तक अपना गन्ना पहुंचा सकें। लेकिन आज वही सड़क बदहाली की मिसाल बन गई है।
स्थानीय किसानों का आरोप है कि कई साल बीत जाने के बावजूद न तो गन्ना विकास विभाग और न ही पीडब्ल्यूडी विभाग ने इसकी मरम्मत की ओर ध्यान दिया है। विभागीय लापरवाही का खामियाजा सीधे तौर पर आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
यह सड़क न केवल किसानों के लिए बल्कि स्थानीय लोगों और छात्रों के लिए भी जीवन रेखा है, जो इसी रास्ते से सिंगाही और तहसील मुख्यालय तक आवागमन करते हैं। सड़क की खस्ता हालत के कारण रोजाना लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है, वहीं दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है।
क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस जर्जर सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि राहत मिल सके और किसी बड़े हादसे से पहले स्थिति सुधारी जा सके।
*वर्जन*
ग्राम पंचायत नौरंगाबाद फॉर्म बेलरायां चीनी मिल के पूर्व चेयरमैन अमनदीप सिंह से बातचीत की गई, जिसमें उन्होंने स्थिति को लेकर खुलकर अपनी बात रखी, अमनदीप सिंह ने बताया कि सिंगाही से नौरंगाबाद तक की सड़क का निर्माण पहले चीनी मिल की ओर से डामर रोड के रूप में कराया गया था, ताकि क्षेत्रवासियों को आवागमन में सुविधा मिल सके। लेकिन समय के साथ सड़क पूरी तरह से टूट-फूट गई है और अब सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस सड़क की मरम्मत अब लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा कराई जानी कि जानकारी मिल रही है जिम्मेदार विभाग आपसी तालमेल के अभाव में एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आ रहे हैं, जिससे काम लगातार टलता जा रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह सड़क न केवल दैनिक आवागमन का मुख्य मार्ग है, बल्कि आसपास के गांवों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी भी है। ऐसे में इसकी बदहाल स्थिति जनजीवन पर सीधा असर डाल रही है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक जिम्मेदार अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहेंगे और क्षेत्र की जनता टूटी सड़क की मार झेलती रहेगी। लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराई जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।






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