ससुराली जन की प्रताड़ना से तंग आकर शिक्षामित्र ने पराली के ढेर में बैठकर खुद को लगाई आग, ईलाज के दौरान मौत
लखीमपुर खीरी Mar 05, 2026 at 04:57 PM , 137लखीमपुर खीरी। जिले के नीमगांव थाना क्षेत्र में आरोप है कि ससुराली जन व पति की दहेज लोलुप्ता के प्रताड़ना से तंग आकर एक शिक्षामित्र ने आत्महत्या कर ली। अतरौली गांव निवासी शिक्षामित्र सविता रानी ने पराली के ढेर में खुद को आग लगा ली थी। गंभीर रूप से झुलसी सविता रानी पुत्री स्व0 सधन लाल शुक्ला की मंगलवार देर रात लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई सविता रानी का विवाह 23 फरवरी 2018 को शशि भूषण पुत्र राजेंद्र प्रसाद निवासी सदर कोतवाली लखीमपुर के हाथीपुर कोठार से हुआ था। उसका एक 8 वर्षीय पुत्र विराट है। विराट के जन्म के बाद से ही पति शशि भूषण और सविता रानी के बीच विवाद शुरू हो गया था जो कोर्ट तक पहुंच गया था।जो मुकदमा कोर्ट में कभी तक लंबित है। इस दौरान पति ने दूसरी शादी भी कर ली थी।मृतका के भाई संतोष शुक्ला ने बताया कि लगभग एक सप्ताह पहले सविता रानी अपनी ससुराल हाथीपुर कोठार गई थी मृतका के भाई संतोष ने आरोप लगाया कि वहां उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया गया और उन्हें घर में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
मंगलवार को सविता रानी ने अपने मकान के सामने लगे पराली के ढेर में खुद को आग लगा ली पराली के ढेर को जलता देखकर ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान ग्रामीणों ने ढेर के अंदर सविता रानी को देखा और उन्हें बाहर निकाल ग्रामीण और परिजनों ने तुरंत एंबुलेंस से सविता रानी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेहजम में भर्ती कराया। वहां उनकी हालत नाजुक होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल ओयल रेफर किया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया। जहां मंगलवार देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सविता रानी की मौत की खबर सुनते ही परिवार में शोक छा गया।
उनके 8 वर्षीय पुत्र विराट का रो-रो कर बुरा हाल है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आलोक अवस्थी ने बताया कि सविता रानी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर तैनाती थी।परिजन नें कोतवाली नीमगांव मे ससुराली जन के विरुद्ध लिखित तहरीर दी है अभी मृतक सविता रानी के शव का अंतिम संस्कार परिजनों नें नहीं क़िया खबर लिखे जाने तक पुलिस नें रिपोर्ट नहीं लिखी है। रिपोर्ट लिखाने के लिए परिजन कोतवाली नीमगांव मे बैठे है!






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