भगवान सबके साक्षी हैं - पंडित राजेश दीक्षित

लखीमपुर खीरी , 133

लखीमपुर खीरी।भगवान को न कोई प्रिय है और न कोई अप्रिय।उनका न कोई अपना है,न पराया। भगवान सबके साक्षी है। उन्हें बुद्धि - वृत्तियों या नेत्र आदि इन्द्रियां नहीं देख सकती परन्तु भगवान की ज्ञान शक्ति अखंड है। सामान्य प्राणियों के हृदय में रहने वाले उन्हीं स्वयं प्रकाश ईश्वर की शरण ग्रहण करो। ईश्वर कभी भी अपनी मर्यादा नहीं छोड़ता। ईश्वर चेतना रूप है। परमात्मा विराट है और सबको घेर कर स्थित है। दूसरों के अंदर स्थित सत्प्रवृत्तियों का सम्मान ईश्वर का ही सम्मान है। भगवान के विराट स्वरूप की ही उपासना सर्वश्रेष्ठ लोगों ने सदा की है। अर्जुन को भी भगवान ने अपना यही विराट रूप दिखलाया था और माता यशोदा को भी। कागभुशुण्डि जी और माता कौशल्या को भी भगवान राम के इसी रूप के दर्शन हुए थे। उक्त विचार हैं श्री वेदमाता गायत्री प्रचार समिति के संस्थापक अध्यक्ष यज्ञाचार्य पं राजेश दीक्षित के जिन्होंने श्री वेदमाता गायत्री शक्तिपीठ शारदा नगर शारदा बैराज पर नवीन प्रयाग मेला में नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ कराते हुए कहे। उक्त महायज्ञ अखिल विश्व गायत्री परिवार शांति कुंज हरिद्वार के तत्वावधान में परम पूज्य गुरुदेव पं श्री राम शर्मा आचार्य व परम वदनीया माता भगवती देवी शर्मा के सूक्ष्म संरक्षण में देव पूजन व हवन कराया गया। महायज्ञ में प्रज्ञा गीत संगीत प्रस्तुत किया जमुना शाक्य,बाबू राम की टोली ने व सहयोग किया परिव्राजक पं उपेंद्र मिश्रा ने सायं में प्रज्ञा पुराण की कथा सुनाई गई। महायज्ञ में सैकड़ों माताओं बहनों व गायत्री परिवार परिजनों ने भाग लिया एवं राष्ट्र कल्याण हेतु आहुतियां समर्पित की गई।

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