सात साल की सजा और जुर्माना के बाद भी नौकरी बहाल
लखीमपुर खीरी Jan 19, 2026 at 06:17 PM , 113सजायाफ्ता पंचायत मित्र ने बनाई करोड़ों की सम्पत्ति,
महेवागंज में चौकी के पास बनाई आलीशान हवेली, और जमीन खरीदने के लगे आरोप
लखीमपुर खीरी मामला ब्लाक बिजुआ की ग्राम पंचायत जोधपुर का है जहां खंड विकास अधिकारी की मिलीभगत से सजायाफ्ता पंचायत मित्र जफर अली पुत्र मुशर्रफ काट रहा.मलाई रहा है।सूत्र बताते हैं कि जफर अली पुत्र मुशर्रफ पर अवैध तरीके से ,कागजो पर काम दिखाकर लाखो का खेला किये जाने के आरोप लगाए गए हैं।इतना ही नहीं पंचायत मित्र के पद पर तैनात रहकर करोड़ो की नामी बेनामी संपत्ति बनाए जाने की चर्चा जोर पकड़ती जा रही हैं।
महेवागंज मे आलीशान महल और कृषि योग्य जमीन व अन्य संपत्ति आखिर कहां से बनाई।
यदि मामले की हो जाय निष्पक्ष जांच, और आय से अधिक संपत्ति की जांच तो होगा एक बडे घोटाले का पर्दाफाश और रहस्य का रहस्योद्घाटन भी होगा और कई अन्य लोगों पर भी आएगी जांच की आंच।मिली जानकारी के अनुसार पंचायत मित्र जफर अली पुत्र मुशर्रफ तीन बार जिला कारागार में निरुद्ध रहा है।और वर्ष 2019 में एक रेप के केस में सात साल की सजा और 25000 रुपया के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। उक्त मामला उच्च न्यायालय लखनऊ में पेंडिंग बताया जाता है। सवाल यह है कि
बलात्कार जैसे आरोप मे सात साल की सजा एव पच्चीस हजार रुपए का जुर्माना के बाद भी किस नियम और किस सक्षम अधिकारी के आदेश से पंचायत मित्र की नौकरी बरकरार रखी गई है।किस सक्षम अधिकारी के आदेश से यह पंचायत मित्र के पद पर कार्यरत हैं। सूत्रों की माने तो वर्ष 2010 में एक माह 10 दिन, वर्ष 2012 में तथा 2019 में दो साल जैल में रहने के साथ ही सजा और जुर्माना से दण्डित किया गया। नियमानुसार जैल में रहते हुए ड्यूटी से अनुपस्थित की हालत में संविदा स्वतः समाप्त हो जाती हैं।ऐसी स्थिति में पंचायत मित्र जफर अली की नौकरी बहाल कैसे है?मामले की तह तक पहुंचने के लिए सूचना अधिकार अधिनियम से जानकारी चाही गई है। जिला पंचायत राज कार्यालय से जानकारी मिलने के बाद मामले का होगा खुलासा और कई जिम्मेदार लोगों पर भी आएगी कार्रवाई की आंच।मामले की सी एम पोर्टल पर शिकायत कर जांच कराये जाने की मांग किए जाने की बात कही गई है।






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