उदयपुर में एसीबी का बड़ा एक्शन: 15 हजार की रिश्वत लेते भू-अभिलेख निरीक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार, तहसीलदार की भूमिका भी संदेह के घेरे में

राजस्थान , 102

जयपुर/उदयपुर, 30 मार्च 2026।
राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की स्पेशल यूनिट, उदयपुर ने भू-अभिलेख निरीक्षक देवेन्द्र सिंह राणावत को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्तमान में तहसील कार्यालय वल्लभनगर, उदयपुर में कार्यरत था।
एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि 13 फरवरी 2026 को एक परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उसकी लगभग पांच बीघा कृषि भूमि, जो राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटिवश ‘भवन’ के रूप में दर्ज हो गई थी, उसे ‘बारानी तृतीय’ में शुद्ध कराने के लिए आरोपी द्वारा 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी गई।
शिकायत के सत्यापन के लिए एसीबी टीम ने 13 फरवरी और 23 फरवरी को वार्ता रिकॉर्ड कर जांच की, जिसमें रिश्वत मांग की पुष्टि हुई। इसके बाद उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजीव जोशी के नेतृत्व में टीम ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
कार्रवाई के दौरान निरीक्षक लक्ष्मणलाल डांगी व उनकी टीम ने आरोपी देवेन्द्र सिंह राणावत को परिवादी से 15 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने तहसीलदार वल्लभनगर से शुद्धिकरण आदेश करवाने और अपनी आईडी से रिकॉर्ड अपलोड करने के एवज में यह रिश्वत मांगी थी।
एसीबी के अनुसार, इस पूरे मामले में तहसीलदार वल्लभनगर की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है, जिसकी जांच की जा रही है।
यह कार्रवाई स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में की गई। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
एसीबी ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ऐसी कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी।

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