सेवानिवृत्त मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी, शासन ने मांगी स्पष्ट आख्या
अन्य खबरे Oct 30, 2026 at 01:55 PM , 28औरैया/लखनऊ। औरैया के तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी एवं वर्तमान में सेवानिवृत्त संत कुमार के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के मामले में शासन ने विस्तृत परीक्षण कर स्पष्ट संस्तुति के साथ प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शासन ने संबंधित प्रकरण में वित्तीय क्षति का स्पष्ट विवरण न होने पर आपत्ति जताते हुए उत्तरदायित्व और आरोपों की प्रकृति स्पष्ट करने को कहा है।
इस संबंध में शासन की ओर से 22 जुलाई 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि संत कुमार के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पूर्व में प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन उसमें प्रश्नगत प्रकरण में हुई वित्तीय क्षति का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया था।
उल्लेखनीय है कि संत कुमार 30 अप्रैल 2026 को अधिवर्षता आयु पूर्ण करने के बाद सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए सिविल सर्विस रेगुलेशन (CSR) के अनुच्छेद 351-ए के प्रावधानों के तहत प्रकरण का परीक्षण किया जाना है।
शासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत पेंशन से कटौती के लिए गंभीर कदाचार अथवा वित्तीय क्षति से संबंधित आरोपों का होना आवश्यक है। इसी आधार पर प्रकरण की जांच कर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि मामला अनुच्छेद 351-ए के दायरे में आता है या नहीं।
इस क्रम में संबंधित कार्यालय की ओर से शासन के पत्र और पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव को सभी संलग्नकों सहित संबंधित अधिकारियों को भेजकर विस्तृत आख्या मांगी गई है। अधिकारियों से आरोपों की प्रकृति, वित्तीय क्षति की स्थिति और संबंधित अधिकारी के उत्तरदायित्व का परीक्षण करते हुए स्पष्ट संस्तुति देने को कहा गया है।
अब संबंधित अधिकारियों की आख्या के आधार पर शासन को अग्रेतर कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।






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