• ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी _

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    उतर रहा प्रावृष का विभव धीरे-धीरे विटप-राशि भीजती जाती। उत्संग में सो रहा मेरा मस्तक बार-बार गवाक्ष की ओर देखता। मेघों की अतिशयता इन अभिनील आँखों के आगे क्या ? चपला की चमक भी फीकी। विविधवर्णी व्योम मन ...

  • यदि आप एक अच्छे इंसान नहीं बन पाए

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    *एक कहानी*     जिला शिक्षा अधिकारी बनने के बाद जब ज्वाइन किया..तो जानकारी हुई की ये जिला ..स्कूली शिक्षा के लिहाज से बहुत पिछड़ा हुआ हैं...वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कहा आप ग्रामीण इलाकों पर वि ...

  • *कलम के सिपाही न्याय की आस*

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    सभी संगठन शिक्षक हित में एकजुट होकर अपने खोए हुए साथियों को न्याय दिलाने का प्रयास करें क्योंकि *बंधी हुई लकड़ियों के ढेर में ही बल होता है अलग-अलग लकड़ी में नहीं*। हमारे जो शिक्षक भाई-बहन आज हमारे बी ...

  • मोबाइल, मैसेज और डिप्रेशन की शिकार युवापीढ़ी

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    बीप... बीप... बीप... मोबाइल पर मेसेज का सिगनल आया और मोबाइलधारी जो कुछ समय पहले बाहरी दुनिया से जुड़ा हुआ था, वह एकदम से उससे कट गया और पहुँच गया मोबाइल से जुड़ी एक छोटी सी दुनिया में। मोबाइल की दुनिया ...

  • पंचायत चुनाव के नाम पर कोरोना महामारी की बलिवेदी पर सरकार द्वारा चढ़ाए गए शिक्षकों को करो ना मृतक का दर्जा तो दिला नहीं पाए अब जिंदा बचे शिक्षकों के 1 दिन के वेतन कटौती की मांग*.

    , 754

    *चुनाव में भेज संक्रमण की भेट दि सरकार ने*.... *अब शिक्षक का वेतन काट कर मरहम लगाने की सलाह देता प्राथमिक शिक्षक संघ*...... हास्यास्पद पहल *कभी अपने हक की लड़ाई लड़ने में असमर्थ शिक्षकों का प्रतिनिधि ...

  • अदभुत गुफा : बेताल गुफा

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    किसी ज़माने में गुफा-सुरंगों का निर्माण आपाताकालीन निकासी व एकांत आवास के लिए किया जाता था. भारतीय उपमहाद्वीप में ऐसी कई गुप्त गुफाओं के होने के प्रमाण मिलते हैं, जिनका निर्माण राजा-महाराजाओं द्वारा कि ...

  • शीश झुकाता हूँ सरल हो जाता हूँ _

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    मस्तिष्क सबमें उठक-बैठक करता है। करतब दिखाता रहता है। ज्ञानी होने का आकर्षण सबको बाँधता है। सबको खींचता है। यहाँ कोई भी इस व्यामोह से नहीं छूटना चाहता।  आश्चर्य यह कि उपयोगिता और प्रदर्शन के मध्य ...

  • काम की प्रवृत्ति _

    , 545

    कामदेव का संक्षिप्त विश्लेषण करना भी अति आवश्यक है नहीं तो लोगों में भ्रांतियाँ उपजती रहेंगी। कामदेव ने ब्रह्मा, विष्णु, महेश और सुरेश इन चारों पर विजय पा रखी है जब भगवान् कामदेव ने अपने से समतुल्य एव ...

  • अद्भुत मशरूम : डेढ़ लाख रूपये किलो मशरूम

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    मशरूम हमारी  सेहत के लिए बहुत गुणकारी है. मशरूम कई तरह के होते हैं, जिनमें से कुछ खाने लायक होते हैं और कुछ नहीं. कुछ ऐसे भी मशरूम होते हैं जो जहरीले होते हैं. इन्हेंह खाने से आपकी तबियत खराब हो ...

  • _दिवंगत शिक्षक शिक्षकों और कर्मचारियों सहित उनके आश्रितों को न्याय दिलाने की मांग_

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     विगत कई दिनों से हम राज्य सरकार द्वारा चुनाव की ड्यूटी में लगे हुए शिक्षक और कर्मचारियों को जिनका इसी दौरान कोरोना महामारी की चपेट में आकर मृत्यु हुई के आंकड़ों को झूठलाने का खेल देख रहे हैं।&nb ...

  • *अंतिम राख रूपी फूलों को, मानवता के पाप धोने को, बचनबद्ध मां गंगा अब इतनी लाशों का क्या करें?? अपने आंचल में फैले हजारों दफन रंग-बिरंगे कफन देख असमंजस में मां गंगा*

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    प्रयागराज से आप सबका विशेष लगाओ रहा होगा, कुंभ नगरी के प्रसिद्ध रेतीले घाट उन सब में फाफामऊ , नारायणीघाट,रसूलाबाद घाट और गंगा के संगम के तट के घाट.... इत्यादि। *राजा सगर के पुत्रों को कई युगों पहले ता ...

  • झूठ सिर्फ झूठ हो सकता है _

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    झूठ ! झूठ एक ऐसी चीज़ है जिसके बारे में हमें बचपन से यही सिखाया जाता है की कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए. मुझे याद है मेरी बचपन की किसी हिंदी या नैतिक शिक्षा की किताब में एक अलग पाठ था, जो ये शिक्षा देत ...

  • *आम शिक्षक की वेदना* *टुकड़ों में बटा शिक्षक समाज, कई संघों की अगुवाई,शिक्षकों ने कोरोना में अपनी जान गवाई कहां हो सुनवाई*

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    रीना त्रिपाठी        रेलवे के बाद सबसे ज्यादा कर्मचारियों की संख्या वाला बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश में चुनाव की ड्यूटी  मतदान से लेकर मतगणना तक हजारों शिक्षक कुरौना की च ...

  • हिन्दी लेखन जगत : [सरस्वती और लक्ष्मी का द्वंद]

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    हिंदी लेखन जगत में एक नई बहस चल रही है। मेरे बहुत से मित्र कुछ न कुछ लिख रहे हैं। कुछ समर्थन में तो कुछ विरोध में। हालांकि बहस में कुछ भी नया नहीं है। यह सालों से चली आ रही समस्या है; जिससे लेखक-कवि ज ...

  • प्रेम का स्वाद _

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    मुझे प्रेम चखना है जब भी पकाया, कच्चा रह गया ज़रा बताओ ना, क्या है विधि पक्का प्रेम पकाने की। सुनो, अबकी लेना तुम धरती पर अविरल बहती  नदियों जितना जल खेतों में लहलहाती फसलों जितना अन्न फूलों के म ...

  • माँ के हाथ का हलवा _

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    माँ के हाथ में वैसे भी जादू होता है, उनका ममतामयी चमत्कार स्नेहाशीष बनकर सर्वथा अपनी संतानों के लिए समर्पित रहता है। इन पंक्तियों को संजीदा करती हमारी यह रचना "माँ के हाथ का हलवा" जिसको मैंन ...

  • अद्भुत रेत : संगीत पैदा करने वाला रेत

    , 479

     राजस्थान के बाड़मेर की एक अजीब कहानी है . सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन थार के रेगिस्तान में स्थित एक रेतीले धोरे की मिट्टी से संगीत की स्वर लहरिया निकलती है. मौसम के साथ-साथ आवाज तेज-धीमी होती ...

  • घटती मानवीय संवेदना, लाशों से उफनती नदियां और नाले

    , 941

    *घटती मानवीय संवेदना*, *लाशों से उफनती नदियां और नाले*, *आम आदमी को दोषारोपित करते सरकार और लोग* *फीकी पड़ी परशुराम जयंती और ईद*                    शा ...

  • प्रकृति के पास हर कर्म का परिणाम है

    , 560

    प्रकृति के विधान में क्षमा का प्रावधान नहीं है। प्रकृति का विधान अपने अनुरूप चलता है। यह स्वयं से संचालित है, किसी अन्य के द्वारा नहीं। जो इसके विधान का पालन करता है, उसका लाभ होता है और जो इसका उल्लं ...

  • स्वार्थी और मतलबी इंसान _

    , 1788

    स्वार्थ अपना हित साधने की उग्र भावना है, स्वार्थ की भावना रखने वाला व्यक्ति भले ही किसी को धोखा देकर तत्काल में फायदा उठा ले मगर भविष्य कंटीला हो सकता है। निस्वार्थ भाव से किया गया कार्य हमेशा प्रसन् ...

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