अमृत ​​काल की यह 25 वर्ष की अवधि स्वतंत्रता की स्वर्ण शताब्दी और एक विकसित भारत के निर्माण का प्रतीक.: राष्ट्रपति

हेडलाइंस , 663

दिल्ली- 

संसद में राष्ट्रपति का संबोधन- 

अमृत ​​काल की यह 25 वर्ष की अवधि स्वतंत्रता की स्वर्ण शताब्दी और एक विकसित भारत के निर्माण का प्रतीक है,ये 25 वर्ष हम सभी के लिए और देश के प्रत्येक नागरिक के लिए अपने कर्तव्यों को पूरा करने वाले हैं- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

2047 तक हमें एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना है जो अतीत के गौरव से जुड़ा हो और जिसमें आधुनिकता के सभी स्वर्णिम अध्याय हों,हमें एक ऐसे भारत का निर्माण करना है जो 'आत्मनिर्भर' हो और अपने मानवीय कर्तव्यों को पूरा करने में सक्षम हो-राष्ट्रपति

भारत ऐसा देश हो, जहां गरीबी न हो और जिसका मध्यम वर्ग भी संपन्न हो,भारत ऐसा देश हो, जिसकी युवा शक्ति और नारी शक्ति समाज और राष्ट्र को दिशा देने के लिए सबसे आगे खड़ी हो-राष्ट्रपति 

भारत जो अधिकांश समस्याओं के समाधान के लिए दूसरों पर निर्भर था,आज दूसरों की समस्याओं को हल करने का माध्यम बन रहा है-राष्ट्रपति

मैं आज इस सत्र के माध्यम से देशवासियों का आभार व्यक्त करती हूं कि उन्होंने लगातार दो बार एक स्थिर सरकार चुनी है,मेरी सरकार ने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है और नीति और रणनीति में आमूल-चूल परिवर्तन लाने की इच्छाशक्ति दिखाई है-राष्ट्रपति

भ्रष्टाचार लोकतंत्र और सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा दुश्मन है,इसलिए विगत वर्षों से भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार लड़ाई जारी है,हमने सुनिश्चित किया है कि सिस्टम में ईमानदारों का सम्मान होगा-राष्ट्रपति

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