यूपी में तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने का लक्ष्य, अमित शाह बोले- सरकार बनने पर लागू करेंगे UCC

जनपत की खबर , 29

**लखनऊ।** उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश सरकार के मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। बैठक में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन की भावी रणनीति पर चर्चा हुई।
 
कार्यसमिति को संबोधित करते हुए अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया और कहा कि भाजपा के असली मालिक उसके कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, "आप सभी को मेरा प्रणाम, मेरा राम-राम।"
 
अमित शाह ने राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए 30 अक्टूबर 1990 को अयोध्या में कारसेवकों पर हुई गोलीबारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं, जबकि भाजपा ने राम मंदिर निर्माण का संकल्प पूरा किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सरकार की चिंता किए बिना विवादित ढांचे के विध्वंस के दौरान अपनी जिम्मेदारी निभाई।
 
**'यूपी में भाजपा सरकार अंगद का पैर'**
 
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में भाजपा की राजनीतिक स्थिति को लेकर कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार अंगद का पैर है, जिसे कोई हटा नहीं सकता। उन्होंने दावा किया कि 2027 में भी उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने जा रही है और इसमें कोई संदेह नहीं है।
 
**तीसरी बार सरकार बनने पर UCC लागू करने की बात**
 
गृह मंत्री ने कार्यकर्ताओं से उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी।
 
**वोट चोरी के आरोपों पर संसद में चर्चा की चुनौती**
 
अमित शाह ने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष को विशेष सत्र बुलाकर संसद में चर्चा करने की चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।
 
बैठक में अमित शाह के संबोधन को आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन को दिशा देने वाला संबोधन माना जा रहा है।

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