**अलीनगर सुनहरा विद्यालय में गांधी-शास्त्री जयंती पर गूंजा सत्य, अहिंसा और सादगी का संदेश**

जनपत की खबर , 53

**लखनऊ।** नगर क्षेत्र जोन-एक के परिषदीय विद्यालयों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बेसिक विद्यालय अलीनगर सुनहरा में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए दोनों महान विभूतियों के चित्र पर तिलक लगाकर पुष्प अर्पित किए और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
 
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष श्रीमती पप्पी राजपूत ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इसके बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार पाण्डेय तथा शिक्षामित्र सुनीता यादव ने भी दोनों महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
 
### **गांधी जी के विचार आज भी प्रासंगिक : राकेश कुमार पाण्डेय**
 
विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार पाण्डेय ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और मानवता को अपने जीवन का आधार बनाया। उनका जीवन केवल इतिहास का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत है। गांधी जी ने यह संदेश दिया कि बड़े से बड़ा परिवर्तन भी सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए किया जा सकता है।
 
उन्होंने कहा कि बच्चों को गांधी जी के जीवन से सत्य बोलने, अनुशासन का पालन करने, दूसरों का सम्मान करने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयी जीवन में छोटे-छोटे अच्छे कार्य ही आगे चलकर मजबूत चरित्र का निर्माण करते हैं। यदि विद्यार्थी नियमित रूप से सत्य बोलें, मेहनत करें, स्वच्छता रखें और जरूरतमंदों की सहायता करें तो यही गांधी जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
 
प्रधानाध्यापक ने लाल बहादुर शास्त्री के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शास्त्री जी सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और दृढ़ संकल्प के प्रतीक थे। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि पद बड़ा होने से व्यक्ति महान नहीं होता, बल्कि उसके विचार, आचरण और देश के प्रति समर्पण उसे महान बनाते हैं। उन्होंने बच्चों से दोनों महापुरुषों के आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
 
कार्यक्रम के दौरान प्रधानाध्यापक ने बच्चों को महात्मा गांधी के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान तथा सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों से परिचित कराया। इसके बाद बच्चों को गांधी जी के जीवन पर आधारित फिल्म भी दिखाई गई, जिससे विद्यार्थियों को उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को समझने का अवसर मिला।
 
### **गांधी और शास्त्री के विचारों को जीवन में उतारें : लगन सिंह**
 
विद्यालय की छात्रा लगन सिंह ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के विचारों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने हमें सत्य और अहिंसा का रास्ता दिखाया, जबकि लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी और देशसेवा का आदर्श प्रस्तुत किया। दोनों महापुरुषों का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है।
 
लगन सिंह ने कहा कि गांधी जी ने लोगों को आपसी भाईचारे, प्रेम और शांति का संदेश दिया। उनका मानना था कि समाज में बदलाव केवल दूसरों से अपेक्षा करने से नहीं, बल्कि स्वयं अपने आचरण में बदलाव लाने से शुरू होता है। वहीं शास्त्री जी ने अपने सरल जीवन और दृढ़ नेतृत्व से देशवासियों के सामने कर्तव्य एवं राष्ट्रसेवा की मिसाल पेश की।
 
उन्होंने साथी विद्यार्थियों से अपील की कि वे महापुरुषों को केवल जयंती के अवसर पर याद न करें, बल्कि उनके विचारों को अपने व्यवहार का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि सच बोलना, बड़ों का सम्मान करना, छोटों से प्रेम करना, विद्यालय एवं घर में स्वच्छता रखना, मेहनत करना और देश के प्रति जिम्मेदारी निभाना ही गांधी जी और शास्त्री जी के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
 
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार ने दोनों महान विभूतियों के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। पूरे विद्यालय परिसर में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और उत्साह का वातावरण रहा। कार्यक्रम ने बच्चों में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, संघर्ष तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया।

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