"यूपी के 5 लाख से अधिक जनगणना कर्मियों के लिए बड़ी राहत: 31 जुलाई तक मानदेय भुगतान के सख्त निर्देश"

जनपत की खबर , 34

31 जुलाई तक हर हाल में मिलेगा जनगणना कर्मियों का मानदेय, यूपी जनगणना निदेशालय का सख्त आदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण) में कार्यरत लाखों जनगणना कर्मियों के लिए राहत भरी खबर है। जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश ने सभी जिलाधिकारियों एवं प्रमुख जनगणना अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जनगणना कर्मियों के मानदेय एवं अन्य देयकों का भुगतान हर हाल में 31 जुलाई 2026 तक सुनिश्चित किया जाए।

27 जुलाई 2026 को जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (SLCCC) के निर्देशों के अनुपालन में भुगतान सहित सभी लंबित कार्य निर्धारित संशोधित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। निदेशालय ने सभी जिलों से कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

अन्य कार्यों की भी तय हुई समय-सीमा

आदेश के अनुसार—

  • 31 जुलाई 2026 तक जनगणना कर्मियों के मानदेय एवं अन्य देयकों का भुगतान।
  • 15 अगस्त 2026 तक DCHB, विशेष चार्ज, वन चार्ज एवं चार्ज रजिस्टर से संबंधित कार्य पूर्ण किए जाएं।
  • 22 अगस्त 2026 तक मास्टर एवं फोल्डर डेटा का नामांकन सहित अन्य निर्धारित कार्य पूरे किए जाएं।

5 लाख से अधिक कर्मियों को मिलेगा लाभ

प्रदेश में जनगणना के पहले चरण में 5 लाख से अधिक प्रगणक एवं पर्यवेक्षक लगाए गए थे। भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मानदेय व्यवस्था के अनुसार प्रथम चरण के लिए ₹9,000 तथा दोनों चरणों के लिए कुल ₹25,000 मानदेय निर्धारित है।

प्रशासन को सख्त निर्देश

निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा, आईएएस द्वारा जारी आदेश में सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर भुगतान और अन्य कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर उसकी नियमित समीक्षा की जाएं।

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