निपुण भारत मिशन के विस्तारीकरण और लक्ष्य निर्धारण पर जोर, हर परिषदीय विद्यालय में लगेंगे निपुण लक्ष्य पोस्टर

जनपत की खबर , 34

31 जुलाई तक प्रदर्शन के निर्देश, बालवाटिका से कक्षा-5 तक तय हुए अधिगम लक्ष्य

लखनऊ, 19 जुलाई 2026।

परिषदीय विद्यालयों में लक्ष्य आधारित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने निपुण भारत मिशन के तहत बड़ा कदम उठाया है। विभाग द्वारा 31 जुलाई तक प्रत्येक परिषदीय प्राथमिक विद्यालय की सभी कक्षाओं में संबंधित कक्षा के निपुण लक्ष्य पोस्टर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी बीआरसी, बीएसए कार्यालय और डायट में भी इनका प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य बालवाटिका से कक्षा-5 तक प्रत्येक विद्यार्थी के लिए तय अधिगम लक्ष्यों को विद्यालय की दैनिक शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाना है।

निपुण लक्ष्य पोस्टर के प्रदर्शन को निरीक्षण व्यवस्था से भी जोड़ा गया है। सपोर्टिव सुपरविजन ऐप और निरीक्षण ऐप में पोस्टर प्रदर्शन से संबंधित प्रश्न शामिल किए जा रहे हैं। इसके साथ ही निपुण संकल्प कार्यशालाओं तथा सभी शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में निपुण लक्ष्यों पर गहन चर्चा होगी। शिक्षकों, अभिभावकों और अन्य हितधारकों को भी इन लक्ष्यों के प्रति लगातार जागरूक और प्रेरित किया जाएगा। विद्यालय स्तर पर पोस्टर का प्रदर्शन टीएलएम अनुदान से कराया जाएगा।

निपुण लक्ष्य चार्ट में बालवाटिका से कक्षा-5 तक प्रत्येक कक्षा के लिए विषयवार अधिगम परिणाम निर्धारित किए गए हैं। बालवाटिका में बच्चों के लिए दो से तीन अक्षर वाले सरल शब्द पढ़ने, अपना नाम पहचानने और लिखने तथा एक अंकीय संख्याओं की पहचान जैसे लक्ष्य तय किए गए हैं। कक्षा-1 और 2 में छोटे वाक्य पढ़ने-लिखने, गिनती, जोड़-घटाव और दैनिक जीवन में मुद्रा के उपयोग जैसी दक्षताओं पर जोर दिया गया है। वहीं कक्षा-3 से 5 के विद्यार्थियों के लिए हिंदी में अज्ञात गद्यांश को समझकर पढ़ना और उससे संबंधित कम से कम 75 प्रतिशत प्रश्नों के सही उत्तर देना, स्वतंत्र लेखन, गणित में गुणा, भाग, भिन्न, ज्यामितीय आकृतियों की समझ, पर्यावरण अध्ययन से जुड़ी व्यावहारिक अवधारणाओं तथा अंग्रेजी में समझ के साथ पढ़ने और लिखने के स्पष्ट अधिगम लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। विभाग का मानना है कि इन मानकों के आधार पर शिक्षक प्रत्येक बच्चे की सीखने की प्रगति का आकलन कर सकेंगे और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग भी दे सकेंगे।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा  मोनिका रानी ने कहा कि निपुण लक्ष्य केवल पोस्टर नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे के अधिगम की दिशा तय करने वाले स्पष्ट मानक हैं। इन लक्ष्यों के अनुरूप शिक्षण होने से शिक्षक बच्चों की सीखने की प्रगति का बेहतर आकलन कर सकेंगे और आवश्यकतानुसार शैक्षणिक सहयोग भी दे पाएंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 31 जुलाई तक प्रत्येक विद्यालय में निपुण लक्ष्य पोस्टर का प्रदर्शन सुनिश्चित कराया जाए तथा प्रशिक्षण, कक्षा शिक्षण और निरीक्षण के प्रत्येक स्तर पर इनका प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित किया जाए।

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