**'9 घंटे इंतजार कराया, फिर रामचरित मानस रखने से किया इनकार'— पूर्व IAS लक्ष्मी नारायण का दावा, राम मंदिर ट्रस्ट पर लगाए गंभीर आरोप**

अन्य खबरे , 29

**अयोध्या।**
 
राम मंदिर को स्वर्ण निर्मित रामचरित मानस भेंट करने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी लक्ष्मी नारायण ने एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर गंभीर दावे किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में अपनी भेंट स्वरूप दी गई स्वर्ण रामचरित मानस को रखने के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन अंततः उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई।
 
पूर्व आईएएस अधिकारी लक्ष्मी नारायण के अनुसार, जब वह अयोध्या पहुंचे तो उन्हें करीब नौ घंटे तक इंतजार कराया गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्होंने चंपत राय से हाथ जोड़कर आग्रह किया कि यह स्वर्ण रामचरित मानस उनकी पूरी जिंदगी की कमाई और आस्था का प्रतीक है, इसलिए इसे राम मंदिर में स्थान दिया जाए।
 
लक्ष्मी नारायण का दावा है कि इस पर चंपत राय ने उनसे कहा, *"मेरे पास कई लोगों के आभूषण और कई तरह की भेंट आती हैं। क्या मैं सिर्फ इन्हीं सबका प्रदर्शन करता रहूं?"* इसके बाद उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई।
 
पूर्व आईएएस अधिकारी के इस बयान के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, इस संबंध में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट या महासचिव चंपत राय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
 
**नोट:** यह खबर पूर्व आईएएस अधिकारी लक्ष्मी नारायण द्वारा एक टीवी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में किए गए दावों पर आधारित है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Related Articles

Comments

Back to Top