यूपी में सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा: बिरजू महाराज कथक संस्थान को 4096 लाख और वाराणसी संत रविदास संग्रहालय के लिए 2463 लाख रुपये मंजूर
जनपत की खबर Jun 17, 2026 at 09:53 PM , 30लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कला, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार से जुड़ी दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। लखनऊ स्थित बिरजू महाराज कथक संस्थान के लिए 4096.74 लाख रुपये की लागत वाली योजना स्वीकृत की गई है, जबकि वाराणसी में संत रविदास संग्रहालय की स्थापना के लिए 2463 लाख रुपये की धनराशि मंजूर की गई है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री Jaiveer Singh ने बताया कि वाराणसी में बनने वाले संत रविदास संग्रहालय के लिए 550 लाख रुपये की धनराशि जारी भी कर दी गई है। इसमें राज्यांश और केंद्रांश की राशि शामिल है। इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य 13 फरवरी 2027 निर्धारित किया गया है।
मंत्री ने बताया कि संत रविदास संग्रहालय की स्थापना संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की म्यूजियम ग्रांट स्कीम के अंतर्गत की जा रही है। यह संग्रहालय संत रविदास के जीवन, विचारों और सामाजिक योगदान को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
वहीं, लखनऊ में प्रस्तावित बिरजू महाराज कथक संस्थान के लिए भारत सरकार की ओर से 887 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। इस परियोजना का निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को सौंपा गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार केंद्र से संबंधित परियोजनाओं की लगातार समीक्षा कर रही है और वित्तीय व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है, ताकि सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जा सके।
इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।































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