कानपुर में पुलिस की कथित लापरवाही: अपहरण के पीड़ित की लाश 'लावारिस' मानकर अंतिम संस्कार, परिवार नहीं कर सका आखिरी दर्शन

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कानपुर। कानपुर में पुलिस की कथित संवेदनहीनता और विभागीय समन्वय की कमी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि अपहरण के एक मामले में लापता देवेश शुक्ला का शव मिलने के बावजूद उसकी पहचान नहीं कराई गई और उसे लावारिस मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस कारण परिवार अपने प्रियजन का अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार भी नहीं कर सका।

परिजनों के अनुसार, देवेश शुक्ला के अपहरण का मुकदमा सचेंडी थाना में दर्ज था। इस बीच पनकी थाना क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिला, लेकिन दोनों थानों के बीच समन्वय के अभाव में शव की पहचान नहीं हो सकी। परिजनों का आरोप है कि फोटो और कपड़ों से पहचान संभव होने के बावजूद पुलिस ने आवश्यक सतर्कता नहीं बरती और शव का लावारिस के रूप में अंतिम संस्कार कर दिया।

मृतक के परिवार का कहना है कि वे करीब 20 दिनों तक शहरभर में देवेश की तलाश करते रहे। बाद में लावारिस शवों की सूची से उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिली। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के कारण वह अपने भाई की अर्थी को कंधा तक नहीं दे सका।

देवेश शुक्ला कानपुर के जूही थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। मामले को लेकर परिजनों में गहरा आक्रोश है और उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

नोट: यह समाचार परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

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