जोन-8 के जनगणना सुपरवाइजर व प्रगणकों ने प्रशासन के समक्ष रखीं जमीनी चुनौतियां, दोगुने कार्यभार और लगातार दबाव के बीच सहयोग की मांग तेज।
जनपत की खबर Jun 08, 2026 at 11:15 AM , 27जनगणना कार्य में शिक्षकों की बढ़ीं मुश्किलें: दोगुने कार्यभार, भीषण गर्मी और परीक्षा ड्यूटी के बीच सहयोग की मांग
नगर निगम जोन-8 के प्रगणकों ने अधिकारियों को भेजा पत्र, कहा— अनावश्यक दबाव नहीं, सहयोग और मार्गदर्शन की है आवश्यकता
लखनऊ। नगर निगम जोन-8 में जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों सुपरवाइजरों एवं प्रगणकों ने कार्य के निष्पादन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। जोनल चार्ज अधिकारी को भेजे गए पत्र में शिक्षकों ने बताया कि जनगणना कार्य आवंटित किए जाने के समय प्रत्येक प्रगणक को लगभग 100 से 150 मकानों का कार्यक्षेत्र दिए जाने की जानकारी दी गई थी, जबकि वास्तविकता में कई क्षेत्रों में यह संख्या बढ़कर लगभग 300 या उससे अधिक हो गई है।
पत्र में कहा गया है कि बढ़े हुए कार्यभार के बावजूद सभी शिक्षक सुपरवाइजर एवं प्रगणक पूरी निष्ठा, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ जनगणना कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने में जुटे हुए हैं। हालांकि क्षेत्रीय स्तर पर नगर निगम कर्मचारियों से अपेक्षित सहयोग न मिलने के कारण शुरुआती लगभग दस दिनों तक क्षेत्र की सीमाओं और मकानों की पहचान करने में ही काफी समय व्यतीत हो गया।
प्रगणकों व सुपरवाइजरों ने यह भी बताया कि वर्तमान में भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच प्रतिदिन देर रात तक कार्य करना पड़ रहा है। इसके साथ-साथ शिक्षकों को विद्यालयी एवं अन्य प्रशासनिक दायित्वों का भी निर्वहन करना पड़ रहा है। स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बनाते हुए दिनांक 08, 09 एवं 10 जून को शिक्षकों की ड्यूटी पुलिस भर्ती परीक्षा में भी लगाई गई है, जिसके चलते तीनों दिन उनका अधिकांश समय परीक्षा संबंधी कार्यों में व्यतीत होगा।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य को 20 जून तक पूर्ण करने की समय-सीमा बताई गई थी। ऐसे में बढ़े हुए कार्यक्षेत्र, अत्यधिक गर्मी, सीमित संसाधनों और अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच कार्य करना बेहद कठिन हो रहा है। शिक्षकों ने यह भी कहा कि कार्यस्थल पर स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी कोई विशेष व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई है, इसके बावजूद सभी कर्मचारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्षेत्र में कार्यरत हैं।
शिक्षकों सुपरवाइजरों एवं प्रगणकों ने प्रशासन से मांग की है कि कार्य की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सहयोगात्मक और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाए। उन्होंने अनुरोध किया है कि बार-बार फोन कॉल के माध्यम से अनावश्यक दबाव और मानसिक तनाव उत्पन्न करने के बजाय आवश्यक मार्गदर्शन, संसाधन एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाए, जिससे जनगणना कार्य गुणवत्तापूर्ण, सुचारु एवं निर्धारित समय में पूरा किया जा सके।
इस पत्र के माध्यम से सभी ने स्पष्ट किया है कि वे जनगणना कार्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, लेकिन जमीनी स्तर की चुनौतियों को नजरअंदाज कर केवल लक्ष्य आधारित दबाव बनाना कार्य की गुणवत्ता और कर्मचारियों के मनोबल दोनों को प्रभावित कर सकता है।































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