**लोकसभा में पेश हुआ एंटी पेपर लीक बिल-2026, नकल और परीक्षा माफिया पर और कसेगा शिकंजा**

जनपत की खबर , 22

 **कड़ी सजा, भारी जुर्माना, दो माह में जांच और फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान; सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर** 
 
**नई दिल्ली।** केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में **द पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026** पेश किया। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा प्रस्तुत इस विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, संगठित परीक्षा घोटालों और अन्य अनियमितताओं पर और अधिक सख्ती से अंकुश लगाना है। 
 
प्रस्तावित संशोधन के तहत परीक्षा से जुड़े अपराधों के लिए दंड और जुर्माने को काफी बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। कई मामलों में अधिकतम सजा **5 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष** तथा जुर्माना **₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख** तक किए जाने का प्रस्ताव है। संगठित अपराध या संस्थागत स्तर पर परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले मामलों में जुर्माना **₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़** और कुछ प्रावधानों में **₹10 करोड़** तक करने का प्रस्ताव रखा गया है। 
 
विधेयक में यह भी प्रस्तावित है कि पेपर लीक और परीक्षा अनियमितता से जुड़े मामलों की **जांच दो महीने के भीतर पूरी** की जाए। साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में **स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट** गठित कर ऐसे मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार **स्पेशल टास्क फोर्स (STF)** का गठन भी कर सकेगी। 
 
सरकार का कहना है कि इन संशोधनों का उद्देश्य भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं की **पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता** को मजबूत करना तथा परीक्षा माफिया और संगठित नकल गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

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