पीएम गति शक्ति से यूपी में परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन पर जोर

जनपत की खबर , 11

पीएम गति शक्ति के जरिए यूपी में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निष्पादन को मिलेगी रफ्तार

लखनऊः 21 सितम्बर, 2026

उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचा व सामाजिक परियोजनाओं की योजना और कार्यान्वयन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग को मजबूत किया जा रहा है। इसका उद्देश्य परियोजनाओं की आवश्यकताओं और बुनियादी ढांचे की कमियों की समय रहते पहचान, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन को सुनिश्चित करना है।
पीएम गति शक्ति के प्रभावी कार्यान्वयन पर लखनऊ स्थित इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में BISAG-N  (MeitY) के सहयोग से बैठक आयोजित की गई। इसमें पीडब्ल्यूडी, ऊर्जा, यूपीडा, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास सहित विभिन्न विभागों और जिलों के 100 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।
नियोजन से आगे बढ़कर परियोजना कार्यान्वयन पर जोर
बैठक में परियोजना स्तर पर पीएम गति शक्ति के प्रभावी उपयोग की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने परियोजना की आवश्यकता और संभावित कमियों की पहचान, विभागीय समन्वय, संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की। इसका उद्देश्य परियोजना क्रियान्वयन में संभावित देरी को कम करना और जमीन पर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करना है।
उत्तर प्रदेश ने पीएम गति शक्ति मंच पर 29 अनिवार्य डेटा लेयर्स को एकीकृत किया है, जबकि 56 अतिरिक्त विभागीय लेयर्स को शुरू या एकीकृत किया गया है। इनका उपयोग बुनियादी ढांचा और आर्थिक विकास से जुड़ी परियोजनाओं के लिए बेहतर निर्णय लेने में किया जा रहा है।
पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के तहत राज्य में ₹2,150 करोड़ से अधिक की 32 से ज्यादा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का कार्यान्वयन किया गया है। साथ ही भविष्य में निश्चित समयान्तराल पर सभी स्टेकहोल्डर विभागों के साथ बैठक आयोजित की जायेगी 
इन्वेस्ट यूपी के सीईओ श्री विजय किरण आनंद ने कहा कि पीएम गति शक्ति साझा नियोजन ढांचे के माध्यम से विभागों के बीच समन्वय को मजबूत कर रही है। 
उन्होंने कहा, “पीएम गति शक्ति से परियोजनाओं की आवश्यकताओं और संभावित कमियों की पहले पहचान करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय में मदद मिल रही है। इससे परियोजनाओं को योजना से जमीन पर क्रियान्वयन तक तेजी से आगे बढ़ाने में सहायता मिल रही है।”
संस्थागत व्यवस्था से परियोजना निष्पादन को मजबूती
राज्य सरकार ने परियोजना नियोजन और कार्यान्वयन में पीएम गति शक्ति पोर्टल के उपयोग को अनिवार्य करते हुए शासनादेश जारी किया है। ₹100 करोड़ से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को EGoS/NPG  व्यवस्था के तहत विचार के लिए रखा जाना आवश्यक है।
सभी 75 जिलों में जिला स्तरीय नियोजन व्यवस्था को भी लागू किया गया है। इसके अलावा, 2,000 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है और परियोजना नियोजन एवं निगरानी के लिए 26 से अधिक एप्लिकेशन विकसित किए गए हैं।
‘पहुंच’ (PAHUNCH) शिक्षा नियोजन उपकरण, लखनऊ मेट्रो चरण-1बी के संरेखण नियोजन और अन्नपूर्णा भवन के लिए भूमि पहचान जैसे उदाहरण दर्शाते हैं कि पीएम गति शक्ति को परियोजना स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
पीएम गति शक्ति की यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश के बढ़ते एक्सप्रेसवे, रेल और हवाई संपर्क नेटवर्क के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर रही है। इससे लॉजिस्टिक्स दक्षता, औद्योगिक विकास और निवेश सुविधा को मजबूती देने के साथ राज्य में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के तेज और प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिल रही है।

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