शुभेंदु बने मुख्यमंत्री, दिलीप घोष समेत 5 नेताओं ने मंत्री पद की ली शपथ; नई टीम से सामाजिक संतुलन का बड़ा संदेश

जनपत की खबर , 23

नई दिल्ली।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शुभेंदु ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ अपनी नई मंत्रिपरिषद का गठन किया। उनके साथ बंगाल बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष समेत पांच नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। नई टीम के गठन को राज्य की राजनीति में अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
मंत्री पद की शपथ लेने वालों में दिलीप घोष प्रमुख नाम हैं। बंगाल बीजेपी के वरिष्ठ चेहरों में शामिल दिलीप घोष खड़गपुर सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। संगठन और जनाधार दोनों स्तरों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
अग्निमित्रा पॉल भी नई सरकार का हिस्सा बनी हैं। बीजेपी की प्रमुख महिला नेता के रूप में पहचान रखने वाली अग्निमित्रा दूसरी बार विधायक बनी हैं। उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को महिला प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अशोक कीर्तनिया, जो बनगांव उत्तर से विधायक हैं, को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मतुआ समुदाय के बीच उनकी मजबूत पकड़ उन्हें राजनीतिक रूप से प्रभावशाली बनाती है।
खुदीराम टुडू ने पहली बार रानीबांध सीट से जीत दर्ज की है। आदिवासी समाज में उनकी पहचान एक मजबूत चेहरे के रूप में है। मंत्रिमंडल में उनका शामिल होना आदिवासी वर्ग को विशेष प्रतिनिधित्व देने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
पूर्व सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री रह चुके निशीथ प्रमाणिक भी अब राज्य सरकार का हिस्सा बन गए हैं। विधानसभा चुनाव में जीत के बाद उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
शुभेंदु सरकार की नई टीम को राजनीतिक विश्लेषक एक सुनियोजित सामाजिक संतुलन और सोशल इंजीनियरिंग के तौर पर देख रहे हैं। मंत्रिपरिषद में ब्राह्मण, महिला, मतुआ और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों को शामिल कर स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई है कि सरकार सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता देना चाहती है।
नई सरकार के गठन के साथ अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि शुभेंदु की यह टीम राज्य की राजनीति में कितना असर छोड़ती है और शासन के स्तर पर किस तरह की नई दिशा तय करती है।

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