नारी शक्ति वंदन पर गरजे सीएम योगी: संसद में विपक्ष के रवैये को बताया महिला विरोधी, INDI गठबंधन से मांगी माफी
जनपत की खबर Apr 19, 2026 at 01:30 PM , 26लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने संसद में INDI गठबंधन के व्यवहार को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि देश की आधी आबादी विपक्ष के इस रवैये से बेहद आक्रोशित है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वर्ष 2014 में सत्ता संभालते समय स्पष्ट किया था कि देश में चार प्रमुख वर्ग हैं—नारी, गरीब, युवा और किसान। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति करने वाले दलों को प्रधानमंत्री की यह सोच हमेशा चुनौती लगती रही है, इसलिए कांग्रेस और उसके सहयोगी दल हर प्रगतिशील कदम का विरोध करते रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम था। जब महिला संगठनों और सामाजिक समूहों ने मांग उठाई कि इसे 2034 के बजाय 2029 से लागू किया जाए, तो केंद्र सरकार ने सभी पक्षों से विचार-विमर्श के बाद आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव लाया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने स्पष्ट आश्वासन दिया है कि किसी भी राज्य का हक कम नहीं होगा और लोकसभा व विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण हेतु अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद संसद में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राजद और डीएमके जैसे दलों ने बाधा डालने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यदि सर्वसम्मति से यह विधेयक पारित होता, तो पूरे सदन को इसका श्रेय मिलता और देश की महिलाओं को उनका अधिकार जल्द मिलता।
समाजवादी पार्टी द्वारा मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण का मुद्दा उठाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माण के समय धर्म आधारित आरक्षण की मांग को बाबा साहब B. R. Ambedkar, Sardar Vallabhbhai Patel और सभी सदस्यों ने खारिज किया था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं को 33 से 50 प्रतिशत तक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में ऐतिहासिक प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष इसमें रोड़ा बन रहा है। उन्होंने कहा कि INDI गठबंधन को अपने इस आचरण के लिए देश की आधी आबादी से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि महिलाएं इस रवैये को कभी माफ नहीं करेंगी।































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