अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए ग्लोबल टैरिफ को अवैध करार दिया, भारत सहित अन्य देशों पर लगाए गए शुल्क रद्द

जनपत की खबर , 221

बड़ी खबर — अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ को बताया गैरकानूनी


वाशिंगटन, 20 फरवरी 2026: अमेरिका की सर्वोच्च न्यायालय अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत सहित दुनिया भर के देशों पर लगाए गए व्यापक टैरिफ (आयात शुल्क) को अवैध और गैर-कानूनी घोषित कर दिया है। अदालत ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया, जिसमें स्पष्ट कहा गया कि राष्ट्रपति के पास बिना संसद की मंज़ूरी के इस तरह के टैरिफ लगाने का कोई अधिकार नहीं है। 

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रेडिंग पार्टनर्स पर लगाए गए भारी शुल्क को रद्द करते हुए कहा कि टैरिफ लगाने का संवैधानिक अधिकार सिर्फ अमेरिका के संसद (कांग्रेस) को है, न कि राष्ट्रपति को। अदालत ने यह भी माना कि ट्रंप ने नेशनल इमरजेंसी कानून का गलत इस्तेमाल करते हुए यह कदम उठाया, जो इस तरह के व्यापक टैरिफ लगाने के लिए मान्य नहीं है। 

इस फैसले का भारत समेत कई साझेदार देशों पर सीधा असर होगा, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50% तक के टैरिफ लगाए थे, जो बाद में कुछ कम किए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ऐसे टैरिफ अब अमान्य माने जाएंगे और भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले कई उत्पादों पर पहले लागू 18% शुल्क भी प्रभावित हो सकता है। 

न्यायालय के फैसले से अब उन कंपनियों और व्यापारियों को भी राहत मिल सकती है, जिन्होंने इन टैरिफ के कारण अतिरिक्त शुल्क भरा था और वे संभावित रिफंड के लिए दावा कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस निर्णय को अमेरिका की व्यापार नीति के लिए एक बड़ा प्रतिबंध और पुनर्मूल्यांकन बिंदु समझा जा रहा है। 
डोनाल्ड ट्रंप ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह नए उपायों पर काम करेंगे और कुछ मामलों में अन्य कानूनी आधारों के तहत नए टैरिफ लगाने का प्रयास कर सकते हैं, जिससे वैश्विक व्यापार में अस्थिरता की आशंका बनी हुई है। इस फैसले का वैश्विक व्यापार और भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्तों पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। 

Related Articles

Comments

Back to Top