*संस्कृति विभाग के आयोजन में बाबासाहेब को नमन, सामाजिक परिवर्तन स्थल पर दिखी सांस्कृतिक एकता की झलक*

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*आंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस पर लखनऊ में श्रद्धा और संस्कृति का संगम, उपमुख्यमंत्री रहे मुख्य अतिथि*

लखनऊ: 06 दिसंबर, 2025

भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर 6 दिसंबर 2025 को डॉ. भीमराव आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल, विपुल खंड-2, गोमती नगर, लखनऊ में श्रद्धांजलि एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। इस आयोजन का निर्देशन संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा किया गया, जो माननीय मुख्यमंत्री जी तथा माननीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने हेतु निरंतर कार्यरत है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के मा. उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक जी के मंच पर आगमन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्यअतिथि एवं अन्य गणमान्यों के द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर बाबासाहेब को श्रद्धांजलि दी गई।

अपने संबोधन में श्री ब्रजेश पाठक जी ने कहा कि डॉ. आंबेडकर का जीवन सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बाबासाहेब के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सतत प्रयासरत है और संस्कृति विभाग द्वारा ऐसे आयोजन समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इसके उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रभावी श्रृंखला प्रस्तुत की गई। लोकगीत प्रस्तुतियों में राम प्रवेश यादव (मऊ), रमेश भंवरा (भदोही) एवं पारसनाथ यादव (गाजीपुर) ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। “एक महानायक” नाट्य प्रस्तुति योगेंद्र पाल (उन्नाव) द्वारा मंचित की गई, वहीं नृत्य-नाटिका की प्रस्तुति जूही कुमारी (लखनऊ) द्वारा दी गई। लोक गायन में श्री राज दुलारी (बलिया) ने अपनी कला से कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई प्रदान की।

संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम माननीय मुख्यमंत्री एवं संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री के कुशल नेतृत्व में प्रदेश की लोकसंस्कृति, परंपराओं एवं सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। विभाग द्वारा ऐसे आयोजनों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, कलाकार एवं आमजन उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. आंबेडकर के आदर्शों को आत्मसात करने और सामाजिक समरसता को बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।

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