महर्षि वाल्मीकि भारतीय साहित्य के महान कवि संत हैं

जनपत की खबर , 190

लखनऊ (    ) 17 अक्टूबर
महर्षि वाल्मीकि भारतीय साहित्य के महान कवि संत हैं उनके दिखाए मार्ग पर चलकर हम सभी को एकता बंधुत्व को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना होगा तभी हम उस सुंदर सुसज्जित विकसित समाज की स्थापना के सहभागी बन पाएंगे जिसकी परिकल्पना आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी ने की थी।
उक्त विचार समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद कुमार सिंह गोप ने महाकाव्य रामायण के रचयिता आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की जन्म जयंती पर विजय बाल्मिक के द्वारा केडी सिंह स्टेडियम लखनऊ के समीप आयोजित महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह मे आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन करने के उपरांत लोगों को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।
राष्ट्रीय सचिव अरविंद कुमार सिंह गोप ने महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन पर चर्चा करते हुए कहा महर्षि वाल्मीकि को हिंदू धर्म में सर्वश्रेष्ठ गुरु माना जाता है महर्षि वाल्मीकि ने रामायण महाकाव्य की रचना करके समाज को एक नई दिशा देने का काम किया इसलिए महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि कहा जाता है इनके विचारों को आत्मसार कर कर ही जीवन को सफल बनाया जा सकता है इसलिए हम सबको महर्षि वाल्मीकि के विचारों से प्रेरणा लेते हुए अपने मन से नफरत द्वेष को समाप्त करने का प्रण लेकर समाज में एकता और भाईचारे को आगे बढ़ने का काम करना होगा तभी हम महर्षि वाल्मीकि की दी हुई शिक्षा विचारों को सही मायने मे मूर्त रूप दे सकेंगे।

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