साइबर सिक्योरिटी को और अधिक शक्तिशाली बनाया जाए इन्वेस्टर्स को यूपी में आकर्षित करने हेतु निरन्तर समन्वय बनायें

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जनपदों में कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर बनाये जाने हेतु योजना बनाएं
ई-व्हीकल की चार्जिंग सिस्टम में अपट्रान की भागीदारी हेतु योजना बनाएं -सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री

लखनऊ : 10 जून, 2024
सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने आज सचिवालय मुख्य भवन के सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक की। उक्त बैठक में विभागीय राज्यमंत्री श्री अजित सिंह पाल भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान उन्होंने विभागीय कार्यों और उनकी प्रगति के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को जनमानस के लिए उपयोगी बनाने के विचार को केंद्र में रखकर विभागीय योजनाओं को रोजगारपरक व कौशल दक्षता परक बनाया जाए। इसके लिए जनपदों में एक कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना किये जाने हेतु योजना बनाई जाए जिसमें बच्चों को विभिन्न कंप्यूटर कोर्सेज की ट्रेनिंग दी जा सके और ट्रेनिंग के उपरांत उन्हें सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाए। इससे बच्चों में कौशल विकास/दक्षता के साथ-साथ उन्हें रोजगार में भी सुविधा मिलेगी।
साइबर सिक्योरिटी नीति की समीक्षा करते हुए माननीय मंत्री जी ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में साइबर क्राइम एक जटिल समस्या बन गया है, जिस पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है इसके लिए साइबर सिक्योरिटी को और अधिक शक्तिशाली बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में यूपी को आगे बढ़ाने के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि इसके लिए इन्वेस्टर्स के साथ नियमित रूप से समन्वय व संवाद स्थापित करते हुए उन्हें यूपी में इन्वेस्टमेंट के लिए प्रोत्साहित करें।
बैठक के दौरान मा0 मंत्री जी को विभाग की कार्यप्रणाली के अन्तर्गत विभागीय संस्थाओं-यूपीडेस्को, यूपीएलसी, सीईजी, श्रीट्रान इण्डिया, अपट्रान पॉवरट्रानिक्स आदि के माध्यम से विभागीय योजनाओं का संचालन किये जाने से अवगत कराते हुये वर्ष 2024-25 के विभागीय बजट के प्राविधानों के सम्बन्ध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। विभागीय बजट की समीक्षा करते हुए विभागीय मंत्री द्वारा निर्देश दिये गये कि माह जून, 2024 के अन्त तक सभी कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कुल रू 891 करोड़ के बजटीय प्राविधान के सापेक्ष 25 प्रतिशत की वित्तीय स्वीकृतियाँ प्राथमिकता के आधार पर जारी करा ली जायें।
बैठक में सरकार की प्राथमिकताओं वाले कार्यों की समीक्षा करते हुये ई-ऑफिस प्रणाली को प्रदेश के सभी विभागों एवं जनपदों में समयबद्ध तरीके से लागू किये जाने तथा आईटी के क्षेत्र में निवेशकों को आकर्षित करने के लिये विभाग द्वारा स्पष्ट कार्य योजना बनाये जाने के निर्देश दिये गये। उनके स्तर से ऐसे निवेशक जिनके द्वारा प्रदेश सरकार के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किये गये हैं, से सम्पर्क कर उनकी परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिये समुचित प्रयास किये जाने की अपेक्षा की गयी। साथ ही अन्य सम्भावित निवेशकों को प्रदेश में आकर्षित करने के लिये भी पृथक से प्रयास करने का सुझाव दिया गया।  
विभागीय मंत्री द्वारा प्रदेश में स्थापित एवं संचालित इन्क्यूबेटर्स की स्थिति से अवगत होते हुये अपेक्षा की गयी कि इन्क्यूबेटर्स के प्रदर्शन के आधार पर उनको श्रेणीबद्ध किया जाये। साथ ही प्रदेश में स्टार्टअप्स के माध्यम से कितने रोजगार सृजित हुये, उनका भी आंकलन किये जाने की अपेक्षा की गयी। प्रदेश के युवाओं को वितरित किये गये टेबलेट एवं स्मार्टफोन का छात्र-छात्राओं द्वारा उपयोग किये जाने के सम्बन्ध में सर्वेक्षण कर स्थिति ज्ञात करने का परामर्श दिया गया। 
मा0 मंत्री जी द्वारा प्रदेश के जनपदों में युवाओं के लिये प्रशिक्षण केन्द्रों की उचित व्यवस्था बनाये जाने पर बल दिया गया ताकि युवाओं को रोजगारपरक पाठ्यक्रम उपलब्ध हो सके। विभागीय मंत्री द्वारा आज के परिवेश में साइबर सिक्योरिटी एवं आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स की चुनौतियों से निबटने के लिये आईटी विभाग द्वारा गृह विभाग के सहयोग से नीति निर्धारण की कार्यवाही किये जाने का भी सुझाव दिया गया। 
उक्त समीक्षा बैठक में आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग के प्रमुख सचिव श्री अनिल कुमार सागर, विशेष सचिव एवं प्रबन्ध निदेशक, श्रीट्रान इण्डिया श्री राहुल सिंह, विशेष सचिव एवं प्रबन्ध निदेशक, यूपीडेस्को व अपट्रान पॉवरट्रानिक्स श्रीमती नेहा जैन, प्रबन्ध निदेशक, यूपीएलसी श्री रवि रंजन तथा सम्बन्धित संस्थाओं के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

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