*योगी सरकार को चुनौती, खनन माफियाओं पर कार्रवाई का नहीं डर।*

लखीमपुर खीरी , 211

पलियाकलां-(खीरी)। उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ सदन में खड़े हो या किसी मंच से भाषण दे रहे हो अपराधी, तस्कर, माफियाओं की जमीने कांपने लगती है लेकिन लखीमपुर-खीरी ज़िले की पलिया तहसील क्षेत्र में जो खनन माफियाओं का आतंक फैला है उस पर विभाग चुप है और क्षेत्रों में जम कर मिट्टी बालू खनन चल रहा है कहने को तो विभाग उच्च अधिकारियों को गुमराह करते हुए खनन पर तो पूर्णता बंदी दिखा रहा है लेकिन पलिया तहसील क्षेत्र के सारदा नदी से जो खनन चालू है कहीं न कहीं सारदा नदी के लिए बने बंधों और सरकार के करोड़ों खर्च पर ग्रहण लगा रहा है। 
आपकों बता दें कि अभी हाल ही में थाना सम्पूर्णानगर के पंजाब घाट में मिट्टी खनन को लेकर किसानों और खनन माफिया के बीच तीखी नोंक झोंक हुईं किसान का आरोप रात के अधेरे मे फसलें बर्बाद कर मिट्टी की ट्रैक्टर ट्राली निकाली गई यह मामला काफी तूल पकड़ा जबकि गांव के लोगो द्वारा बड़ी घटना होने से टल गई 
वहीं दूसरी घटना सारदा तट से बालू निकाल कर खेतों को नुक्सान पहुचाने के लिए खनन माफिया सिख किसान से भीड़ गए जो आस्था तक पहुच गई। धीरे-धीरे यह मामला तमाम संगठनों तक पहुंची और भयकर रुप ले लिया सड़कें जाम हुई विरोध प्रदर्शन हुए तब जाकर दोषियों पर मुकदमा पंजीकृत हुआ। वहीं अभी भी किसानों की मांग है कि जबतक गिरफ्तार नहीं होंगी तब तक किसान शांत नहीं बैठेगा। 

*पुलिस राजस्व की बड़ी लापरवाही अधिकारी नही दे रहे ध्यान व कार्यवाही*

अगर समय रहते स्थानीय अधिकारी ध्यान दें देते और कार्रवाई कर रोकथाम लगा देते 
तो शायद यह बवाल नहीं होता और शांति व्यवस्था कायम रहती। लेकिन लालच ही है जो क्षेत्रों में शांति व्यवस्था को बिगाड़ रखी है।

*खनन माफिया इस बार क्षेत्रों में लाएंगे बाढ़।*

इन दिनों खनन माफियाओं का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लगता है इस बार बाढ़ पलिया सहित आस पास के गांवों को तबाह करके मानेगी इसका जीता-जागता उदाहरण सारदा नहीं के उस जगह पर खनन जारी है जो सीधा पलिया और आस-पास के गांव को तबाह करदे क्योकि खनन माफियाओं को उस जगह पर खनन करने में बड़ी आसानी है जहां से खनन कर भाग सकें और वह सभी सड़कें पलिया की ओर आती है कुछ सड़कें तो खनन करने के लिए शारदा तक इस्तेमाल होती हैं आस पास के लोगों को रात भर टैक्टर ट्रालियों की तेज आवाज से नींदे नहीं पड़ती ग्रामीण का कहना है कि अगर अधिकारी का परिवार हम लोगों के पास घर बनाकर एक रात गुजारे तब पता चलेगा कि उनके चंद लालच के कारण खनन माफियाओं के किस तरह से शिकार हो रहे हैं।

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