बड़ा हादसा होने पर कौन देगा जवाब, "50 साल के पुल पर पैच वर्किंग से सुधारी जा रही पुल की भार क्षमता"
लखीमपुर खीरी Nov 30, 2025 at 03:10 PM , 116विश्वकांत त्रिपाठी
पलिया कलां लखीमपुर खीरी। सड़कों पर तो पैच वर्किंग होती थी,अब पुलों की छत पर भी कराई जा रही पैच वर्किंग, बॉर्डर डेवलेपमेंट के तहत बनी सड़क के पुल पर जेई शारदा कुमार करा रहे पैच वर्किंग।
प्रदेश के सबसे बड़े उपक्रम सड़क निर्माण विभाग के मार्ग संख्या 101 सिसैया पूरनपुर वाया संपूर्णानगर मार्ग के सेमरी चौराहे के निकट 105 किलोमीटर पर बने पुल पर पैच वर्किंग कर दो सूत का जाल बिछा कंकरीट लेपन कर पुल में दिये जा रहे दम से पुल की गुणवत्ता सुधार कर रहा विभाग।
50 साल पहले बने उक्त पुल पर दो सूत की सरिया के ऊपर 4 इंची माल डलकर पास करेगें हजारों कुंतल के वाहन क्या पुल की गुणवत्ता बरकरार रहेगी जवाब देही देने वाला कोई नहीं।
क्षेत्र मे विगत वर्ष आई बाढ़ के बाद पलिया संपूर्णनगर मार्ग के सिमरी चौराहे के आगे 101 नंबर सड़क के 105 किलोमीटर पर बना पुल तथा उसके किनारे बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गए थे किनारों की पैच वर्किंग के बाद डैमेज हुए पुल की छत पर तो सूत की सरिया का जाल डालकर ऊपर से कंकरीट युक्त चार इंच सीमेंट गिट्टी का लेपन कार्य करा सरकारी धन का दुर्पयोग कर सरकार को चूना लगाया जा रहा है।
निर्माण कार्य के इस्टीमेट और लागत के बारे में पूछे जाने पर जेई शारदा कुमार ने हाथ खड़े कर लिए और कहा कि गन्ने का सीजन चल रहा है कुछ काम विभाग को कराने होते हैं, विभाग की देख-रेख में यह पैच वर्किंग तथा रेलिंग निर्माण कार्य कराया जा रहा है इसका ना कोई एस्टीमेट है और न कोई लागत के बारे में जानकारी विभाग को कुछ काम कराने होते हैं, जो धन व्यय होगा लोक निर्माण विभाग उसका भुगतान ठेकेदार को करेगा।
कुल मिलाकर लब्बो-लुआब यह निकल रहा है कि हजारों टन के भरे माल वाहन तथा सैकड़ो अन्य वाहन प्रतिदिन उस पुल से गुजरते हैं क्या पचास साल पहले बने पुल की गुणवत्ता तथा भार वहन क्षमता पूर्व की भांति बरकरार रहेगी, और सरकारी धन का अपव्यय रोका जा सकेगा।






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