मांगों को लेकर लेखपालों का धरना-प्रदर्शन

लखीमपुर खीरी , 218

(हरिशंकर मिश्र)

लखीमपुर-खीरी शनिवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ द्वारा लखीमपुर तहसील परिसर में अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया तथा उप जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा बताते चलें  09 वर्ष से लेखपाल पद की शैक्षणिक योग्यता एवं पदनाम परिवर्तन करने प्रारम्भिक वेतनमान उच्चीकरण, ए०सी०पी० विसंगति, मृतक आश्रित लेखपालों की पुरानी पेंशन विसंगति, राजस्व निरीक्षक एवं नायब तहसीलदार के अतिरिक्त पद सृजन, स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 1000 रूपये करने, नियत यात्रा भत्ता के स्थान पर वाहन भत्ता वाहन भत्ता/मोटर सायकिल भत्ता अनुमन्य करने, विशेष वेतन भत्ता 100 रूपये से बढ़ा कर 2500 रूपये प्रतिमाह करने आदि मूल मांगे सैकड़ों पत्राचार एवं परिषद व शासन स्तर पर विभागीय सहमति के बावजूद यथावत बनी हुई है। 3000 लेखपाल अपने परिवार से 500 से 1000 किमी दूर भय एवं तनाव के मध्य नौकरी कर रहे हैं। अन्तर्मण्डलीय स्थानान्तरण हेतु निर्गत शासनादेश 23 अगस्त 2018 के अनुसार अन्तर्मण्डलीय स्थानान्तरण हेतु आनलाईन आवेदन परिषद ने मगां लिए है, किन्तु स्थानान्तरण सूची आज तक जारी नहीं की गयी, जबकि अन्य विभागों के हजारों कर्मचारियों के
स्थानान्तरण हो चुके  दिनांक 02.07.2025 व 03.09.2025 में दिये गये निर्देश के बावजूद राजस्व निरीक्षक पदों पर पदोन्नति हेतु चयन वर्ष 2025-26 की डी०पी०सी० अभी तक नहीं हो सकी है।
 उ०प्र० लेखपाल संघ की प्रान्तीय कार्यकारिणी समिति की रगण रेती आश्रम मथुरा में दिनांक 05 अक्टूबर 2025 को आयोजित बैठक में प्रदेश के 75 जनपदों से उपस्थित हुए जिला अध्यक्ष/मंत्री गण द्वारा संवर्ग की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों पर कार्यवाही न होने पर आक्रोश व्यक्त किया गया था साथ ही तहसील एवं जनपद स्तर पर अधिकारियों  निर्गत शासनादेशों के अनुरूप संगठन के पदाधिकारियों के साथ मासिक बैठक न करने, संवर्गीय समस्याओं के लिए आवाज उठाने वाले पदाधिकारियों का शासनादेशों के विपरीत स्थानान्तरण कर देने की शिकायत की गयी। लेखपालों की कम संख्या, संसाधनों का अभाव के बावजूद विभागीय कार्यों के सम्पादन के साथ गैर विभागीय कार्यों का बढ़ता बोझ और अधिकारियों द्वारा व्यवहारिक समस्याओं को सुनने समझने के स्थान पर दबाव बना कर कार्य तत्काल करवाने की प्रवृत्ति पर नाराजगी प्रकट करते हुए आन्दोलन की मांग की गयी थी।
उ०प्र० लेखपाल संघ की प्रान्तीय बैठक दिनांक 05.10.2025 में लिए गये निर्णय के कम में उ०प्र० लेखपाल संघ के पत्र दिनांक 13.10.25 एवं 27.10.25 के द्वारा गत 6 वर्षों में लेखपाल संवर्ग एवं संगठन की उपेक्षा और गत 9 वर्ष में सैकड़ों पत्राचार, वार्ताओं एवं अनेकों कार्यवृत्त के बाद भी लेखपाल संवर्ग की लम्बित मांग एवं समस्याओं पर ध्यान न दिये जाने के कारण आन्दोलन की स्थिति से अवगत कराते हुए समस्याओं के समाधान का निवेदन किया गया था। 27.10.25 के पत्र में उल्लिखित कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 01.11.25 को तहसील समाधान दिवस के अवसर पर समस्त तहसीलों में मुख्यमंत्री जी को सम्बोधित ज्ञापन एवं उ०प्र० लेखपाल संघ के पत्र दिनांक 07 नवम्बर 2025 व 11.11.2025 में दी गयी सूचना के अनुसार आज दिनांक 15.11.25 से आन्दोलन की सूचना के बाद भी समस्याओं का समाधान न होने के काण आण तहसील में उपस्थित होकर 10 बजे से 2 बजे तक शान्तिपूर्ण धरना किया गया। लेखपाल संवर्ग एक अनुशासित कर्मचारी संवर्ग एवं उ०प्र० लेखपाल संघ एक अनुशासित कर्मचारी संगठन है। मैनपावर एवं संसाधनों के अभाव के बावजूद विभागीय कार्यों के सम्पादन के साथ ही अन्य विभागों की योजनाओं को कियान्वित करवाते हुए अपनी समस्याओं / आवश्यकताओं / मांगों को पत्राचार एवं वार्ता के माध्यम से समाधान करवाने में विश्वास रखता है।

Related Articles

Comments

Back to Top